राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: आठों आरोपितों की न्यायिक रिमांड 18 सितंबर तक बढ़ी

Sun 06-Sep-2026,03:20 PM IST +05:30

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: आठों आरोपितों की न्यायिक रिमांड 18 सितंबर तक बढ़ी Ram Mandir Donation Theft
  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठों आरोपितों की रिमांड 18 सितंबर तक बढ़ी।

  • आरोपितों ने जमानत अर्जी दाखिल कर खुद को निर्दोष बताया है।

  • पुलिस की विवेचना करीब 72 दिन बाद भी जारी है और आरोप पत्र दाखिल नहीं हुआ।

Uttar Pradesh / Ayodhya :

Ayodhya / राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में जेल में निरुद्ध आठों आरोपितों की न्यायिक हिरासत शनिवार को एक बार फिर 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई। अब सभी आरोपित 18 सितंबर तक जेल में रहेंगे। आरोपितों को जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के समक्ष पेश किया गया। यह सातवीं बार है जब उनकी न्यायिक रिमांड बढ़ाई गई है।

मामले में आरोपित अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, करुणेश पांडेय, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाषचंद्र श्रीवास्तव बीती 26 जून से जेल में निरुद्ध हैं। पुलिस को मामले की विवेचना करते हुए करीब 72 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

रिमांड को लेकर आरोपितों की अर्जी खारिज
इसी बीच आरोपितों की ओर से पुलिस की कार्रवाई और रिमांड में लगाई गई धाराओं पर सवाल उठाते हुए न्यायालय में अर्जी दाखिल की गई थी। आरोपितों ने बरामदगी को भी संदिग्ध बताते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। हालांकि, न्यायालय ने इस अर्जी को निरस्त कर दिया।

पुलिस के अनुसार, सभी आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई और उनकी निशानदेही पर संदिग्ध ठिकानों पर ले जाकर कई बहुमूल्य वस्तुओं की बरामदगी की गई है।

72 दिन बाद दाखिल की जमानत अर्जी
शनिवार को ही सभी आठ आरोपितों की ओर से विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत में जमानत अर्जी भी प्रस्तुत की गई। आरोपितों ने खुद को निर्दोष बताते हुए विवेचना और बरामदगी को लेकर कई सवाल उठाए हैं। न्यायालय ने जमानत अर्जी को दर्ज करते हुए संबंधित थाने से आख्या तलब की है।

जमानत अर्जी में आरोपितों ने कहा है कि विवेचक अब तक यह स्पष्ट नहीं कर सके हैं कि मंदिर परिसर से किस व्यक्ति ने कितनी धनराशि की चोरी की। इसके अलावा अर्जी में एसआईटी की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है।

81.19 लाख रुपये की बरामदगी पर सवाल
आरोपितों की ओर से दाखिल अर्जी में दावा किया गया है कि ट्रस्ट ने स्वयं करीब 81.19 लाख रुपये, विदेशी मुद्राओं, आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की बरामदगी का उल्लेख किया था। अर्जी में आरोप लगाया गया है कि इन्हीं वस्तुओं को विवेचक ने 26 जून को ट्रस्टी और वादी मुकदमा कृष्णमोहन के कब्जे एवं नियंत्रण वाले लॉकर से आरोपितों के पास से बरामद दिखाया।

आरोपितों ने इस बरामदगी को संदिग्ध बताते हुए दावा किया है कि बड़े पदाधिकारियों को बचाने के लिए उन्हें मामले में मोहरा बनाया गया है। हालांकि, ये सभी दावे आरोपितों की ओर से दाखिल जमानत अर्जी में किए गए हैं।

फिलहाल न्यायालय ने जमानत अर्जी पर संबंधित थाने से रिपोर्ट मांगी है, जबकि आठों आरोपितों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। मामले में पुलिस की विवेचना जारी है और आरोप पत्र दाखिल होना अभी बाकी है।