एयर मार्शल संदीप थरेजा बने डीजीएएफएमएस के 47वें महानिदेशक, संभाला पदभार
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Air Marshal Sandeep Thareja
एयर मार्शल संदीप थरेजा ने डीजीएएफएमएस के 47वें महानिदेशक का पदभार संभाला।
उन्होंने चिकित्सा, प्रशासन और सैन्य स्वास्थ्य सेवाओं में करीब चार दशक का अनुभव हासिल किया है।
गगनयान मिशन और मानवीय सहायता अभियानों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
Delhi / एयर मार्शल संदीप थरेजा ने 1 सितंबर 2026 को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशालय (डीजीएएफएमएस) के 47वें महानिदेशक का पदभार संभाल लिया। नई जिम्मेदारी के साथ वे रक्षा सेनाओं को व्यापक और प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की देखरेख करेंगे। उनका कार्यकाल ऐसे समय में शुरू हुआ है, जब सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा में परिचालन चिकित्सा तैयारी, संयुक्तता, सैन्य स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और डिजिटल स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डीजीएएफएमएस के रूप में एयर मार्शल थरेजा के सामने चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने, चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने तथा मानव संसाधन के विकास जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। साथ ही सेवारत सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी लगातार जोर रहेगा।
एएफएमसी के पूर्व छात्र हैं एयर मार्शल थरेजा
एयर मार्शल संदीप थरेजा पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी) के पूर्व छात्र हैं। उन्हें दिसंबर 1986 में सैन्य चिकित्सा कोर में कमीशन मिला था। अपने चिकित्सा करियर में उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में भी महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया। उन्होंने दिल्ली से मेडिसिन में एमडी और नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में डीएम की डिग्री प्राप्त की।
लगभग चार दशक के अपने करियर में उन्होंने चिकित्सा, अकादमिक, परिचालन और प्रशासनिक क्षेत्रों में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उनके प्रमुख पदों में 167 मिलिट्री हॉस्पिटल के कमांडेंट, बेस हॉस्पिटल दिल्ली कैंट में ब्रिगेडियर इंचार्ज एडमिनिस्ट्रेशन एवं कमांडर ट्रूप्स तथा कमांड हॉस्पिटल (सेंट्रल कमांड) के कमांडेंट की जिम्मेदारी शामिल रही है।
कोविड के दौरान निभाई अहम जिम्मेदारी
बेस हॉस्पिटल दिल्ली कैंट में उनके कार्यकाल के दौरान कोविड-19 महामारी जैसी जटिल स्वास्थ्य चुनौती सामने आई। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासन से जुड़ी तेजी से बदलती परिस्थितियों का प्रभावी प्रबंधन किया गया।
लखनऊ स्थित कमांड हॉस्पिटल में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल के दौरान नए कमांड हॉस्पिटल के निर्माण से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट रिकॉर्ड समय में तैयार की गई।
चिकित्सा शिक्षा और अंतरिक्ष मिशन में योगदान
एएफएमसी पुणे के निदेशक और कमांडेंट के रूप में एयर मार्शल थरेजा ने चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को बेहतर बनाने के लिए कई पहल कीं। वहीं, डीजीएमएस (एयर) के रूप में उन्होंने गगनयान मिशन से जुड़े कार्यों में भी योगदान दिया। अंतरिक्ष यात्रियों के चयन और प्रशिक्षण के लिए आयोजित एनालॉग प्रयोगों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उनके नेतृत्व में सैन्य चिकित्सा क्षमताओं का इस्तेमाल मानवीय सहायता और आपदा राहत के क्षेत्र में भी किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा मालदीव को बीएचआईएसएचएम (भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित और मैत्री) क्यूब्स भेंट किए जाने के दौरान भी उनकी देखरेख की भूमिका रही। एचएडीआर अभियानों के तहत जमैका, क्यूबा, श्रीलंका और म्यांमार को भी ये क्यूब्स उपलब्ध कराए गए।
राष्ट्रीय समर स्मारक पर दी श्रद्धांजलि
डीजीएएफएमएस का पदभार संभालने से पहले एयर मार्शल संदीप थरेजा ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी।
उनका नया कार्यभार ऐसे समय में आया है, जब सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और भविष्य की सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनके व्यापक चिकित्सकीय, प्रशासनिक और परिचालन अनुभव से डीजीएएफएमएस के नेतृत्व में सैन्य स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।