हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में जीरो FIR दर्ज, बीजेपी नेता समेत अन्य पर आरोप
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Haldwani Purification Case
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में बेंगलुरु पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की।
कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जुड़ा मामला बताया।
कांग्रेस 7 सितंबर को उत्तराखंड मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी।
Bengaluru / उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद अब दूसरे राज्यों तक पहुंच गया है। मामले में बेंगलुरु की विधानसभा पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा की शिकायत के आधार पर शुक्रवार को दर्ज की गई। इसमें आरोपियों का उल्लेख उत्तराखंड राज्य भाजपा सदस्य और अन्य के रूप में किया गया है।
खड़गे की सभा के बाद हुआ था कथित शुद्धिकरण
पूरा विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की जनसभा के बाद शुरू हुआ। इस सभा को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि सभा के तीन दिन बाद, 11 अगस्त को कुछ लोगों ने उसी मैदान में हवन-यज्ञ कर कथित तौर पर मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया।
कांग्रेस ने इस घटना को जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए कड़ा विरोध जताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद इस तरह का कथित शुद्धिकरण सामाजिक बराबरी और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
राहुल गांधी ने भी उठाया था मुद्दा
यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर तब और चर्चा में आया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे उठाया। उन्होंने कथित शुद्धिकरण की घटना को छुआछूत से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी।
इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए। खड़गे ने सवाल किया था कि अगर ऐसी घटना उनके साथ हुई होती तो क्या सरकार और भाजपा इसी तरह चुप रहतीं।
जेपी नड्डा को पत्र लिखकर उठाया सवाल
खड़गे ने संसद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की ओर से दिए गए आश्वासन का हवाला देते हुए इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें पत्र भी लिखा था। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आरोपों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए निर्देश देने की मांग की।
खड़गे ने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई जरूरी है, क्योंकि उनका विरोध केवल व्यक्तिगत घटना तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, यह उस मानसिकता के खिलाफ सवाल है, जिससे समाज का एक बड़ा वर्ग लंबे समय से प्रभावित रहा है।
7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव की तैयारी
एफआईआर दर्ज होने के बावजूद हल्द्वानी का यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से 7 सितंबर को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी की जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर कांग्रेस इसे सामाजिक भेदभाव और छुआछूत से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रही है, वहीं अब बेंगलुरु में दर्ज जीरो एफआईआर के बाद मामले की कानूनी दिशा भी महत्वपूर्ण हो गई है। आगे जांच और कार्रवाई के दौरान यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों पर पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।