विश्व संस्कृत दिवस पर PM मोदी की शुभकामनाएं, संस्कृत की समृद्ध विरासत को किया याद

Fri 28-Aug-2026,11:11 PM IST +05:30

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विश्व संस्कृत दिवस पर PM मोदी की शुभकामनाएं, संस्कृत की समृद्ध विरासत को किया याद Vishva Sanskrit Diwas
  • पीएम मोदी ने विश्व संस्कृत दिवस पर शुभकामनाएं दीं।

  • संस्कृत को भारत के ज्ञान और चिंतन की संवाहिका बताया।

  • संस्कृत के अध्ययन-अध्यापन और संरक्षण से जुड़े लोगों की सराहना की।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर देश और दुनिया के लोगों को विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उन्होंने संस्कृत भाषा की शाश्वत समृद्धि और भारतीय ज्ञान परंपरा में उसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संस्कृत भारत के ज्ञान, चिंतन और रचनात्मकता की निरंतर संवाहिका रही है। हजारों वर्षों से यह भाषा भारतीय संस्कृति, दर्शन, साहित्य और ज्ञान-विज्ञान की विभिन्न धाराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृत का सकारात्मक प्रभाव आज भी अनेक क्षेत्रों में देखने को मिलता है।

पीएम मोदी ने विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर संस्कृत के अध्ययन और अध्यापन से जुड़े लोगों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने भारत सहित पूरी दुनिया में संस्कृत सीखने, पढ़ाने और इसके अमूल्य ज्ञान को आगे बढ़ाने के प्रयासों की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संस्कृत में भी अपनी शुभकामनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा, “विश्वसंस्कृतदिवसस्य शुभाशयाः।” इसके साथ उन्होंने श्रावण पूर्णिमा के दिन संस्कृत की चिरंतन समृद्धि का उत्सव मनाने की बात कही।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने संस्कृत को भारत के ज्ञान, चिंतन और सृजनात्मकता की निरंतर संवाहिका बताया। उन्होंने कहा कि इस भाषा का सकारात्मक प्रभाव अनेक क्षेत्रों में आज भी देखा जा सकता है। इससे संस्कृत की वर्तमान प्रासंगिकता और भारतीय ज्ञान परंपरा में उसकी भूमिका को रेखांकित किया गया।

प्रधानमंत्री ने उन सभी लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जो भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संस्कृत का अध्ययन और अध्यापन कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से ऐसे लोगों के प्रयासों की सराहना की, जो संस्कृत में निहित कालातीत ज्ञान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

विश्व संस्कृत दिवस संस्कृत भाषा और उसकी समृद्ध परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर माना जाता है। इस अवसर पर संस्कृत के साहित्य, दर्शन और ज्ञान-विरासत को याद किया जाता है तथा नई पीढ़ी को भाषा से जोड़ने के प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश संस्कृत की विरासत को आधुनिक संदर्भ में आगे बढ़ाने और उसके ज्ञान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के महत्व पर केंद्रित रहा। उन्होंने भारत और विश्वभर में संस्कृत से जुड़े विद्यार्थियों, शिक्षकों और भाषा के संरक्षण एवं प्रसार में योगदान देने वाले सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।