कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सचिन पायलट बने पंजाब प्रभारी, भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी
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Congress Reshuffle
सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
भूपेश बघेल को पंजाब से हटाकर असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात के साथ कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
New Delhi / कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों के प्रभारी नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। सबसे अहम बदलाव पंजाब को लेकर हुआ है, जहां पार्टी ने वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को नया प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं, पंजाब के प्रभारी रहे भूपेश बघेल को हटाकर अब असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के इस फैसले को पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी अंदरूनी कलह और गुटबाजी के बीच संगठन को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्टी की ओर से जारी संगठनात्मक सूची के मुताबिक, भूपेश बघेल अब असम कांग्रेस के प्रभारी की भूमिका निभाएंगे। बघेल के कार्यकाल के दौरान पंजाब कांग्रेस में गुटों के बीच विवाद को सुलझाने की कई कोशिशें हुईं, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके। अब पार्टी ने उनकी जगह सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाकर नई जिम्मेदारी दी है।
पंजाब कांग्रेस में पिछले कई महीनों से अंदरूनी खींचतान लगातार सामने आती रही है। पार्टी के भीतर मुख्य टकराव पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खेमे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के समर्थकों के बीच बताया जाता है। जुलाई 2026 में कांग्रेस आलाकमान ने वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा था, जबकि चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। इस फैसले के बाद चन्नी खेमे की नाराजगी खुलकर सामने आई।
पार्टी की बैठकों के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी और विवाद की स्थिति भी बनी। कुछ मौकों पर ‘चन्नी जिंदाबाद’ और ‘बघेल गो बैक’ जैसे नारे लगाए जाने की बात सामने आई। मामला इतना बढ़ा कि बैठकों में धक्का-मुक्की और कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई की स्थिति तक बन गई। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने पंजाब संगठन में समन्वय कायम करना बड़ी चुनौती बन गया था।
भूपेश बघेल ने पंजाब में दोनों गुटों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर मतभेद दूर करने की कोशिश की। वह कई बार पंजाब के दौरे पर भी गए, लेकिन इसके बावजूद संगठन के भीतर की खींचतान पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई। ऐसे में अब सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाए जाने को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कदम माना जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस ने रणदीप सिंह सुरजेवाला की जिम्मेदारी भी बढ़ाई है। उन्हें गुजरात के महासचिव प्रभारी के साथ-साथ कर्नाटक के महासचिव प्रभारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के इस फैसले से दोनों राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी।
संगठनात्मक बदलाव के तहत सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी. वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी के मुताबिक, ये सभी नियुक्तियां कांग्रेस अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुकुल वासनिक एआईसीसी महासचिव के पद पर पहले की तरह अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। यानी संगठन में कई स्तरों पर बदलाव के बावजूद उनकी मौजूदा जिम्मेदारी में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह फेरबदल कई राज्यों में संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। खासकर पंजाब में गुटबाजी को देखते हुए सचिन पायलट के सामने दोनों खेमों के बीच संतुलन बनाने और पार्टी संगठन को एकजुट करने की बड़ी चुनौती होगी। वहीं भूपेश बघेल के सामने अब असम में संगठन को संभालने की जिम्मेदारी होगी।