सबरीमाला सोना चोरी केस: मुख्य पुजारी गिरफ्तार

Fri 09-Jan-2026,05:24 PM IST +05:30

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सबरीमाला सोना चोरी केस: मुख्य पुजारी गिरफ्तार Sabarimala-Temple-Gold-Scam
  • सबरीमाला सोना चोरी केस में SIT ने मुख्य पुजारी कंदरारू राजीव को गिरफ्तार किया, 11वीं गिरफ्तारी के साथ जांच और गहराई में पहुंची।

  • ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से केस दर्ज किया, जिससे मामला अब वित्तीय अपराध और धार्मिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़ गया।

Kerala / :

Kerla/ केरल के प्रसिद्ध भगवान अयप्पा मंदिर से जुड़े सबरीमाला सोना चोरी मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के मुख्य पुजारी कंदरारू राजीव को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष पद्मकुमार के बयानों के आधार पर की गई है। SIT के गठन के बाद यह इस बहुचर्चित मामले में 11वीं गिरफ्तारी है।

सूत्रों के अनुसार, कंदरारू राजीव को पहले पूछताछ के लिए एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया, जिसके बाद SIT कार्यालय में उनकी औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई। जांच में सामने आया है कि राजीव के उन्नीकृष्णन पोट्टी से करीबी संबंध थे और उन्होंने मंदिर परिसर में द्वारपालक की मूर्तियों तथा श्रीकोविल (गर्भगृह) के द्वार-फ्रेम की री-प्लेटिंग की सिफारिश की थी। इसी सिफारिश के आधार पर त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड से अनुमति ली गई थी।

SIT अधिकारियों का कहना है कि सोने की हेराफेरी एक संगठित साजिश के तहत की गई। जांच में पता चला है कि द्वारपालक की मूर्तियों की तांबे की प्लेटें सोने से मढ़ी हुई थीं, जिसकी जानकारी आरोपी पोट्टी को पहले से थी। इसी जानकारी का इस्तेमाल कर सोना निकालकर आर्थिक लाभ कमाया गया, जिससे देवस्वोम बोर्ड को भारी नुकसान हुआ।

इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है। ईडी ने पीएमएलए की विभिन्न धाराओं के तहत ईसीआईआर दर्ज की है। इससे साफ है कि मामला अब केवल मंदिर प्रशासन की अनियमितताओं तक सीमित नहीं, बल्कि वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में भी आ गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में द्वारपालक की मूर्तियों की “मरम्मत” के नाम पर लगभग दो किलोग्राम सोने की प्लेटें हटाई गईं। इन्हें कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश होते हुए चेन्नई की एक निजी फर्म तक ले जाया गया, जहां सोना निकाल लिया गया। बाद में केवल 394.9 ग्राम सोने की पुनः परत चढ़ाकर प्लेटें वापस सबरीमाला भेज दी गईं, जो मंदिर परंपराओं का उल्लंघन भी माना जा रहा है।

फिलहाल SIT और ED दोनों एजेंसियां समन्वय के साथ जांच आगे बढ़ा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं, क्योंकि यह मामला आस्था, प्रशासनिक जिम्मेदारी और आर्थिक अपराधों से सीधे जुड़ा हुआ है।