राम मंदिर चढ़ावा विवाद: व्यवस्थापक गोपाल राव की बढ़ी मुश्किलें, SIT जांच के बीच उठ रहे कई सवाल

Mon 15-Jun-2026,09:31 PM IST +05:30

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: व्यवस्थापक गोपाल राव की बढ़ी मुश्किलें, SIT जांच के बीच उठ रहे कई सवाल Ram Mandir News
  • SIT जांच के बीच गोपाल राव को दिन में दो बार मंदिर बुलाया गया।

  • चढ़ावा प्रबंधन और कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराया।

  • संतोष दुबे ने निष्पक्ष जांच और संपत्तियों की जांच की मांग उठाई।

Uttar Pradesh / Ayodhya :

Ayodhya / अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव की गतिविधियां इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। सोमवार को उन्हें एक ही दिन में दो बार राम मंदिर परिसर में बुलाया गया, जिसके बाद मामले को लेकर अटकलों का दौर और तेज हो गया है। मंदिर प्रशासन और जांच एजेंसियों की चुप्पी के बीच यह घटनाक्रम कई सवाल खड़े कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब दो बजे जब विशेष जांच दल (SIT) मंदिर परिसर पहुंचा, उस समय गोपाल राव पहले से ही वहां मौजूद थे। उन्होंने कई घंटों तक मंदिर परिसर में समय बिताया और शाम करीब साढ़े पांच बजे बाहर निकले। हालांकि, इसके लगभग डेढ़ घंटे बाद उन्हें एक बार फिर मंदिर परिसर में प्रवेश करते देखा गया। एक ही दिन में दो बार बुलाए जाने से यह चर्चा शुरू हो गई कि जांच एजेंसियां उनसे किसी महत्वपूर्ण विषय पर जानकारी जुटा रही हैं।

जब मीडिया ने गोपाल राव से चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चल रही जांच को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कार के बंद शीशों के पीछे बैठे गोपाल राव ने केवल हाथ जोड़कर अभिवादन किया और बिना कुछ कहे वहां से निकल गए। उनके इस रवैये ने भी लोगों की जिज्ञासा को और बढ़ा दिया है।

राम मंदिर प्रशासन में गोपाल राव की भूमिका काफी अहम मानी जाती है। मंदिर की साफ-सफाई, रखरखाव, श्रद्धालुओं की सुविधाएं और चढ़ावे के प्रबंधन जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उनके पास हैं। ऐसे में जांच के दौरान उनका बार-बार मंदिर परिसर में बुलाया जाना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।

सूत्रों का कहना है कि गोपाल राव को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का करीबी माना जाता है। हालांकि, ट्रस्ट या जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसी कारण मामले को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं और अटकलें सामने आ रही हैं।

इस बीच, राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे ने भी मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच एजेंसियां संबंधित लोगों से गहन पूछताछ करें तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

संतोष दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान देशभर से श्रद्धालुओं और कारसेवकों द्वारा दान की गई कई मूल्यवान वस्तुओं का आज तक स्पष्ट हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया है। उनके अनुसार मंदिर निर्माण और उससे जुड़े विभिन्न चरणों में समय-समय पर अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

फिलहाल चढ़ावा प्रबंधन और कथित अनियमितताओं को लेकर SIT जांच जारी है। जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। वहीं श्रद्धालुओं और आम लोगों की नजर अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अगले कदम पर टिकी हुई है।