युवा संगम फेज़ VI: कर्नाटक के युवाओं ने राजस्थान की संस्कृति, विरासत और विकास को करीब से जाना

Mon 15-Jun-2026,09:50 PM IST +05:30

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युवा संगम फेज़ VI: कर्नाटक के युवाओं ने राजस्थान की संस्कृति, विरासत और विकास को करीब से जाना Yuva Sangam
  • युवा संगम फेज़ VI के तहत कर्नाटक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान का भ्रमण किया।

  • राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने युवाओं को राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

  • प्रतिभागियों ने संस्कृति, शिक्षा, नवाचार और विकास परियोजनाओं का अनुभव प्राप्त किया।

Rajasthan / Jaipur :

Jaipur / भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के तहत कर्नाटक के युवाओं ने राजस्थान की समृद्ध विरासत, संस्कृति और विकास मॉडल को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया। युवा संगम फेज़ VI के अंतर्गत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) धारवाड़ के नेतृत्व में कर्नाटक का एक प्रतिनिधिमंडल राजस्थान के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पर पहुंचा। इस कार्यक्रम का आयोजन मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT), जयपुर द्वारा किया गया। यह विशेष यात्रा 12 जून 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

इस भ्रमण का सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब प्रतिनिधिमंडल ने 9 जून को जयपुर स्थित लोक भवन में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े से मुलाकात की। राज्यपाल ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझने और अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश के भविष्य के निर्माता हैं और राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव तथा विकास की प्रक्रिया में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिभागियों को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय योगदान देने और राष्ट्रीय एकता के सच्चे दूत बनने के लिए प्रेरित किया।

राजस्थान प्रवास के दौरान युवाओं ने राज्य के अनेक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें राजस्थान की गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहर, भव्य किले, राजमहल, स्थापत्य कला और लोक संस्कृति को नजदीक से देखने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लिया और स्थानीय कलाकारों के साथ संवाद भी किया। पारंपरिक लोक संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और कला रूपों से परिचित होकर उन्होंने राजस्थान की सांस्कृतिक समृद्धि को महसूस किया।

यात्रा केवल सांस्कृतिक अनुभव तक सीमित नहीं रही, बल्कि शैक्षणिक और तकनीकी दृष्टि से भी यह बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। प्रतिनिधिमंडल ने एमएनआईटी जयपुर के अत्याधुनिक शैक्षणिक एवं अनुसंधान केंद्रों का दौरा किया। यहां छात्रों, शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों के साथ विचार-विमर्श के दौरान उन्हें विज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी मिली। इस संवाद ने दोनों राज्यों के युवाओं के बीच शैक्षणिक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।

इसके अलावा प्रतिभागियों ने राजस्थान के विकासात्मक और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं का भी अवलोकन किया। इससे उन्हें शहरी विकास, सतत विकास मॉडल, पर्यटन प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समझने का अवसर मिला। युवाओं ने जाना कि किस प्रकार राजस्थान अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

गौरतलब है कि शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के अंतर्गत युवा संगम कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा, परंपरा, शिक्षा और विकास मॉडल से जोड़ना है। युवा संगम फेज़ VI के तहत 22 जोड़ीबद्ध राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागी इस अनूठे अनुभव का हिस्सा बन रहे हैं।

यह पहल न केवल युवाओं के बीच आपसी समझ और भाईचारे को बढ़ावा देती है, बल्कि भारत की ‘विविधता में एकता’ की भावना को भी मजबूत करती है। कर्नाटक और राजस्थान के युवाओं के बीच हुआ यह संवाद राष्ट्रीय एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।