DRDO की बड़ी कामयाबी: लंबी दूरी की LRLACM क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, बढ़ी भारत की ताकत

Mon 15-Jun-2026,09:37 PM IST +05:30

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DRDO की बड़ी कामयाबी: लंबी दूरी की LRLACM क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, बढ़ी भारत की ताकत Missile Test News
  • DRDO ने LRLACM क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

  • मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई है।

  • भारत की रक्षा और रणनीतिक क्षमता को मिली नई मजबूती।

Odisha / Bhubaneshwar :

Bhuwaneshwar / भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी सैन्य क्षमताओं को नई मजबूती दी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 15 जून को ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लंबी दूरी की लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का सफल परीक्षण किया। इस सफलता को भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

DRDO द्वारा विकसित यह मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इसकी सभी प्रमुख उप-प्रणालियां देश में ही विकसित की गई हैं। बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADE) इस परियोजना की नोडल प्रयोगशाला रही है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने निर्धारित मानकों के अनुसार प्रदर्शन किया और अपने सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

इस महत्वपूर्ण परीक्षण के दौरान DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। परीक्षण की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत अब अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के विकास में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर DRDO की पूरी टीम और परियोजना से जुड़े उद्योग साझेदारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी रक्षा तकनीकों का विकास देश की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाएगा तथा भारत को वैश्विक रक्षा क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।

वहीं, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा DRDO के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने भी परीक्षण के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की। उन्होंने इस मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की सराहना करते हुए इसे टीमवर्क और स्वदेशी नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब DRDO ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालियों का भी सफल परीक्षण किया था। 10 और 11 जून को लगातार तीन फ्लाइट टेस्ट के जरिए भारत ने अपनी मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) क्षमता का सफल प्रदर्शन किया था। इन परीक्षणों में इंटरसेप्टर मिसाइलों ने अपने लक्ष्यों को सटीकता के साथ नष्ट किया।

इसके अलावा नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज (NASM-MR) का पहला सफल फ्लाइट टेस्ट भी किया गया। इन सफलताओं के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) तक को रोकने में सक्षम उन्नत रक्षा प्रणाली मौजूद है।

लगातार हो रहे इन सफल परीक्षणों से स्पष्ट है कि भारत रक्षा तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वदेशी अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिकों की मेहनत के बल पर देश अपनी सुरक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सफल हो रहा है।