Tripura DGP Death: पुलिस मुख्यालय में मिला डीजीपी अनुराग धनखड़ का शव, मौत की वजह की जांच जारी
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Anurag Dhankar Death News
त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ का शव पुलिस मुख्यालय में मिला।
आत्महत्या की आशंका, लेकिन पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
फोरेंसिक जांच जारी, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
Tripura / त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ का शव अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मिलने से पूरे राज्य के पुलिस महकमे में शोक और सनसनी का माहौल है। सोमवार को सामने आई इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जानकारी में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सूत्रों के अनुसार, अनुराग धनखड़ अपने कार्यालय कक्ष में फंदे से लटके हुए पाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत (जीबीपी) अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद आगे की कानूनी और चिकित्सीय प्रक्रिया शुरू की। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की आवाजाही बढ़ गई। पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने कार्यालय कक्ष का निरीक्षण किया और सभी जरूरी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा स्वयं पुलिस मुख्यालय पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, गृह विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी भी जीबीपी अस्पताल पहुंचे। राज्य सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी थे। उन्होंने वर्ष 2025 में त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का पद संभाला था। अपने लंबे पुलिस करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और चर्चित मामलों की जांच का नेतृत्व किया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में रहते हुए उन्होंने नीरव मोदी से जुड़े चर्चित वित्तीय घोटाले की जांच का नेतृत्व किया था। इसके अलावा वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व भी उन्होंने किया था।
अनुराग धनखड़ को एक अनुभवी और कुशल पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता था। उनकी अचानक हुई मृत्यु ने पुलिस प्रशासन और सरकारी तंत्र को गहरा झटका दिया है। फिलहाल सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आधिकारिक जांच पर टिकी हैं, जिनसे यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।