LPU Protest | LPU में छात्रों का विरोध हिंसक, FIR और SIT जांच शुरू
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LPU Students Protest
LPU में कथित दुष्कर्म के वायरल मैसेज के बाद छात्रों का विरोध हिंसक हुआ।
पुलिस ने FIR दर्ज कर सात सदस्यीय SIT का गठन किया।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने घटना की पुष्टि से इनकार करते हुए अफवाह फैलाने का दावा किया।
Phagwara / एक वायरल मैसेज से शुरू हुआ सवाल शनिवार देर रात लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी LPU के कैंपस में बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया। गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े कथित दुष्कर्म के मामले की खबर फैलने के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ी। देखते ही देखते प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और कैंपस के बाहर तनाव की स्थिति बन गई।
जानकारी के मुताबिक, गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोप को लेकर सोशल मीडिया पर मैसेज, वीडियो और तस्वीरें प्रसारित हुईं। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र विरोध के लिए बाहर आ गए। प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। हालात इतने बिगड़े कि अमृतसर-दिल्ली हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को शांत कराने की कोशिश की।
छात्रों की शिकायत के आधार पर G-3 हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय SIT गठित की है। इसमें छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला के मुताबिक, छात्रों की कुछ मांगों पर यूनिवर्सिटी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और जांच में वैज्ञानिक तरीकों के साथ CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान कोई सुराग या दोषी व्यक्ति सामने आता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, LPU के डीन सोरभ लक्खनपाल ने पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिए से बताया। उनका कहना है कि छात्रों की शिकायत सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी ने मामले को गंभीरता से लिया। छात्रों की मांग पर CCTV फुटेज दिखाया गया और जिस कमरे को लेकर वे जानकारी चाहते थे, वहां जाने की अनुमति भी दी गई। डीन के मुताबिक, यूनिवर्सिटी को अब तक छात्र के नाम या हॉस्टल से जुड़ी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है और छात्रों से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए लगातार कहा गया।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन का दावा है कि दुष्कर्म की घटना की पुष्टि नहीं हुई है और सोशल मीडिया पर संस्थान की छवि खराब करने के लिए गलत जानकारी फैलाई गई। प्रबंधन ने पुलिस और छात्रों को CCTV फुटेज तथा अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही है। डीन ने यह भी कहा कि उन्हें बाहरी असामाजिक तत्वों की भूमिका और किसी साजिश की आशंका है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पंजाब के राजपुरा स्थित एक अन्य निजी विश्वविद्यालय का मामला भी चर्चा में है। वहां एक दिन पहले हॉस्टल में दरवाजे खटखटाने की बात से भूत की अफवाह फैल गई थी। इसके बाद सैकड़ों छात्र बाहर निकल आए और कैंपस में तोड़फोड़ हुई। पुलिस के पहुंचने पर पथराव और पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाने की सूचना सामने आई। दो छात्राओं के लापता होने और दो छात्रों की मौत की अफवाहें भी फैलीं, लेकिन पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन दावों की पुष्टि नहीं की।
दोनों घटनाएं एक अहम सवाल छोड़ती हैं—सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाएं किस तरह कुछ ही घंटों में छात्रों की चिंता को बड़े सामूहिक विरोध और तनाव में बदल सकती हैं? फिलहाल LPU मामले में FIR और SIT जांच के बाद सामने आने वाले तथ्य ही यह स्पष्ट करेंगे कि वायरल दावे और वास्तविक घटनाक्रम के बीच सच्चाई क्या है।