PM स्मृतिचिह्न ई-ऑक्शन 2026 में पंजाब की विरासत, आस्था और संगीत की झलक?
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PM Mementos Auction 2026
पीएम स्मृतिचिह्न ई-ऑक्शन में पंजाब की आस्था और सांस्कृतिक विरासत की झलक।
स्वर्ण मंदिर, गुरु नानक देव जी, भांगड़ा और दिलजीत दोसांझ से जुड़े स्मृतिचिह्न शामिल।
नीलामी से प्राप्त धनराशि नमामि गंगे मिशन को सहायता प्रदान करेगी।
New Delhi / प्रधानमंत्री स्मृतिचिह्नों के ई-ऑक्शन 2026 में प्रदर्शित स्मृतिचिह्नों का एक खास संग्रह इन दिनों चर्चा में है। इस संग्रह में पंजाब की आस्था, इतिहास, संगीत, नृत्य और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं की अलग-अलग झलक देखने को मिलती है। खास बात यह है कि इसमें जहां पंजाब की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत को जगह दी गई है, वहीं समकालीन पंजाबी संस्कृति और वैश्विक संगीत यात्रा को भी शामिल किया गया है।
संग्रह में स्वर्ण मंदिर यानी श्री हरमंदिर साहिब की लघु प्रतिमाएं विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। एक स्मृतिचिह्न में श्री हरमंदिर साहिब का विस्तृत लघु मॉडल तैयार किया गया है, जबकि दूसरे में मंदिर को कांच के गुंबद के भीतर प्रस्तुत किया गया है। यह प्रस्तुति अमृतसर के इस प्रतिष्ठित स्थल के स्थापत्य और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती है।
संग्रह में गुरु नानक देव जी को श्रद्धांजलि देने वाली एक कलाकृति भी शामिल है। इसमें चांदी के फ्रेम वाली प्रतिमा के माध्यम से गुरु नानक देव जी को दर्शाया गया है। यह स्मृतिचिह्न गुरुद्वारा प्रबंध समिति, गुरुबाग, वाराणसी की ओर से भेंट किया गया है।
एक अन्य मार्मिक कलाकृति में माता गुजरी जी को युवा साहिबजादों—जोरावर सिंह और फतेह सिंह—के साथ दिखाया गया है। यह कलाकृति सिख इतिहास से जुड़े साहस, बलिदान और आस्था के मूल्यों की याद दिलाती है।
पंजाब की लोक संस्कृति को दर्शाने के लिए संग्रह में भांगड़ा नृत्य की एक पेंटिंग भी शामिल है। इसमें पारंपरिक लोक नृत्य की गति, रंग और उल्लासपूर्ण भाव को प्रदर्शित किया गया है।
वहीं, संग्रह का एक समकालीन पहलू दिलजीत दोसांझ के दिल-लुमिनाती टूर के फोटोप्रिंट के जरिए सामने आता है। यह स्मृतिचिह्न पंजाबी संगीत और लोकप्रिय संस्कृति की वैश्विक पहुंच की झलक प्रस्तुत करता है।
संग्रह में संत श्री सेवलाल महाराज की फ्रेमयुक्त प्रतिमा भी उल्लेखनीय है। इसमें उन्हें आशीर्वाद देने की मुद्रा में दर्शाया गया है। इसके अलावा सुनहरे धागे की कढ़ाई वाले केसरिया गुरुद्वारा हेडस्कार्फ भी शामिल हैं, जिन्हें सिख पूजा स्थलों में विनम्रता और श्रद्धा का प्रतीक बताया गया है।
कुल मिलाकर, ये स्मृतिचिह्न पंजाब की विविध सांस्कृतिक पहचान की एक विस्तृत तस्वीर सामने रखते हैं। इसमें पवित्र स्थलों और आध्यात्मिक परंपराओं से लेकर लोक नृत्य और आधुनिक संगीत तक, संस्कृति के अलग-अलग रंगों को एक साथ प्रस्तुत किया गया है।
पीएम स्मृतिचिह्न ई-ऑक्शन 2026 लोगों को इन स्मृतिचिह्नों के लिए बोली लगाने का अवसर देता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नीलामी से प्राप्त धनराशि नमामि गंगे मिशन को सहायता प्रदान करेगी। इच्छुक लोग बोली लगाने के लिए pmmementos.gov.in पर जा सकते हैं।