बिहार कैबिनेट के 30 बड़े फैसले, 86 वज्र वाहन और 30 वाटर कैनन को मंजूरी?
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Bihar Cabinet Decision
बिहार में 30 वाटर कैनन और 86 वज्र वाहनों की खरीद को मंजूरी।
हरित हाइड्रोजन नीति और कृषि फीडरों के सोलराइजेशन को कैबिनेट की मंजूरी।
सड़क, स्वास्थ्य, आवास, पर्यटन और शिक्षा से जुड़े कई प्रस्ताव स्वीकृत।
Patna / बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ऊर्जा, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई क्षेत्रों में सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें पुलिस संसाधनों को मजबूत करने से लेकर हरित हाइड्रोजन नीति, कृषि फीडरों के सोलराइजेशन और स्वास्थ्य योजनाओं तक कई अहम फैसले शामिल हैं।
कैबिनेट ने कानून-व्यवस्था से जुड़े संसाधनों को बढ़ाने के लिए 30 नए वाटर कैनन और 86 वज्र वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 62.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। 30 वाटर कैनन पर प्रति वाहन 88 लाख रुपये की दर से 26.40 करोड़ रुपये, जबकि 86 वज्र वाहनों पर प्रति वाहन 42 लाख रुपये की दर से 36.12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, इन संसाधनों से कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई की क्षमता मजबूत होगी।
ऊर्जा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मंत्रिपरिषद ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। इसके अलावा कैमूर और रोहतास जिलों की 177 बसावटों, जिनमें 132 गांव शामिल हैं, के 21,644 घरों के ग्रिड विद्युतीकरण की योजना की संशोधित लागत को 117.80 करोड़ से बढ़ाकर 351.85 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई।
राज्य के शेष 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए भी बड़ा प्रावधान किया गया है। 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए 2,714.25 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही 946 विद्युत उपकेंद्रों में योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन देने हेतु 47.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। दोनों को मिलाकर कुल 2,761.55 करोड़ रुपये का अनुदान मंजूर हुआ।
आवास के क्षेत्र में बहादुरपुर सेक्टर-6 की जर्जर आवासीय कॉलोनी के स्व-वित्तपोषित पुनर्विकास के लिए NBCC के साथ समझौते को मंजूरी दी गई। बहादुरपुर सेक्टर-5 में टीवी टावर के पास 8.5 एकड़ जमीन पर परियोजना के लिए भी NBCC के साथ समझौते की अनुमति दी गई है।
सड़क निर्माण से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी मुहर लगी। तारापुर बाईपास के लिए 115.90 करोड़ रुपये, रनगांव-भागलपुरा पथ से धौनी तक बाईपास के लिए 87.63 करोड़ रुपये और मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से डाउन रैम्प तथा परसा-संपतचक पथ पर एट-ग्रेड पथ के निर्माण के लिए 82.26 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
महिला एवं बाल विकास से जुड़े फैसले में सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत टेक होम राशन के लिए रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत खाद्य उत्पादों की आपूर्ति हेतु कॉम्फेड को PPP मोड में 15 वर्षों के लिए निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं के चयन की अनुमति दी गई। वहीं कुशल युवा कार्यक्रम को 871 संचालकों के माध्यम से जारी रखने की स्वीकृति मिली।
पर्यटन और परिवहन क्षेत्र में पटना में विश्वस्तरीय क्रूज टर्मिनल विकसित करने के लिए सबलपुर, दियारा और दुजरा दियारा में दो-दो एकड़ असर्वेक्षित भूमि भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को 25 वर्षों के लिए अस्थायी लीज पर देने का फैसला हुआ।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना को मंजूरी दी गई है। योजना के पहले वर्ष के लिए 26.33 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और संबंधित कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 477 करोड़ रुपये के अग्रिम की स्वीकृति भी दी गई।
इसके अलावा दो विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक कार्यों के लिए 34-34 पदों के सृजन को मंजूरी मिली। RCS हवाई अड्डों पर विमान ईंधन पर VAT को एक प्रतिशत से घटाकर शून्य करने, बिहार के लिए एविएशन विजन एवं पॉलिसी तैयार करने और सप्तम राज्य वित्त आयोग की अंतरिम अनुशंसाओं को लागू करने जैसे प्रस्तावों पर भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
यानी एक ही बैठक में कानून-व्यवस्था, ऊर्जा, सड़क, स्वास्थ्य, आवास, पर्यटन और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए हैं, जिनका असर राज्य की प्रशासनिक और बुनियादी ढांचा योजनाओं पर पड़ सकता है।