अमेरिका में ड्रोन डिलीवरी पर विवाद, 15 राज्यों ने FAA को कोर्ट में घेरा

Tue 29-Sep-2026,12:59 PM IST +05:30

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अमेरिका में ड्रोन डिलीवरी पर विवाद, 15 राज्यों ने FAA को कोर्ट में घेरा International News
  • 15 राज्यों और हैरिस काउंटी ने FAA की पर्यावरणीय समीक्षा को चुनौती दी।

  • प्रस्तावित नियमों से ड्रोन को विजुअल लाइन ऑफ साइट से बाहर उड़ाने की अनुमति मिल सकती है।

  • ड्रोन डिलीवरी में शोर, निजता, सुरक्षा और पर्यावरण को लेकर चिंताएं सामने आई हैं।

Washington / Burley :

Wasington / अमेरिका में ड्रोन से सामान पहुंचाने की तैयारी अब अदालत तक पहुंच गई है। 15 राज्यों और टेक्सास की एक काउंटी ने FAA की पर्यावरणीय समीक्षा पर सवाल उठाए हैं। आखिर ड्रोन डिलीवरी को लेकर विवाद इतना गंभीर क्यों हुआ?

क्या हुआ? 
अमेरिका में 15 राज्यों और टेक्सास की हैरिस काउंटी ने फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन यानी FAA के खिलाफ कानूनी चुनौती दायर की है। मामला अमेरिका में बड़े स्तर पर कमर्शियल ड्रोन पैकेज डिलीवरी को मंजूरी देने से पहले की गई पर्यावरणीय समीक्षा से जुड़ा है।

याचिका में राज्यों का आरोप है कि FAA ने ड्रोन से पैकेज डिलीवरी के विस्तार के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों का पर्याप्त विश्लेषण नहीं किया। राज्यों के मुताबिक FAA की जुलाई के अंत में पूरी हुई समीक्षा में संभावित सुरक्षा जोखिमों और अन्य पर्यावरणीय प्रभावों को पर्याप्त तरीके से नहीं देखा गया।

कहां और किस अदालत में? 
यह कानूनी चुनौती अमेरिका की सेकेंड सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स में दाखिल की गई है। मुकदमा दायर करने वाले राज्यों में न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, मैसाचुसेट्स, विस्कॉन्सिन और मिशिगन समेत कुल 15 राज्य शामिल हैं। टेक्सास की हैरिस काउंटी भी इस मामले में शामिल है।

कब हुआ?
FAA की पर्यावरणीय समीक्षा जुलाई 2026 के अंत में पूरी हुई थी। इसके बाद सोमवार को राज्यों और हैरिस काउंटी ने अदालत का रुख किया। FAA की ओर से इस कानूनी चुनौती पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

क्यों हुआ विवाद? 
विवाद की मुख्य वजह ड्रोन उड़ानों के बढ़ते दायरे और उनके संभावित शोर, सुरक्षा तथा पर्यावरणीय प्रभाव हैं। कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने कहा कि FAA का पर्यावरणीय आकलन ड्रोन पैकेज डिलीवरी के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों का पर्याप्त विश्लेषण नहीं करता।

वहीं, कुछ समुदायों की ओर से ड्रोन के शोर और निजता को लेकर भी चिंताएं जताई गई हैं। हालांकि, ड्रोन डिलीवरी से लागत कम होने की संभावना को लेकर भी महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ का अनुमान लगाया जा रहा है।

कैसे बदल सकती है ड्रोन डिलीवरी? 
FAA की प्रस्तावित व्यवस्था अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुई है। इसके तहत प्रमाणित ड्रोन ऑपरेटरों को विजुअल लाइन ऑफ साइट से बाहर यानी BVLOS उड़ान भरने की अनुमति मिल सकती है। इससे हर ऑपरेशन के लिए अलग और लंबी waiver प्रक्रिया की जरूरत कम हो सकती है।

FAA के पर्यावरणीय आकलन में एक हब से प्रतिदिन औसतन 1,150 ड्रोन डिलीवरी के शोर प्रभावों का अध्ययन किया गया। ड्रोन को 400 फीट यानी करीब 121 मीटर से कम ऊंचाई पर उड़ान भरनी होगी।

साथ ही पार्क, कैंपग्राउंड, ट्रेलहेड और कुछ संवेदनशील वन्य क्षेत्र जैसे स्थानों से ड्रोन को दूर रखने का प्रावधान प्रस्तावित है। लॉन्चिंग हब भी संवेदनशील स्थलों के पास नहीं बनाए जा सकेंगे।

कौन-कौन शामिल है? 
इस विवाद में एक तरफ 15 अमेरिकी राज्य और हैरिस काउंटी हैं, जबकि दूसरी तरफ FAA है। प्रस्ताव लागू होने पर ड्रोन निर्माता, ऑपरेटर और ड्रोन ट्रैफिक मैनेजमेंट सेवाएं भी नई सुरक्षा आवश्यकताओं के दायरे में आएंगी।

वहीं, शोधकर्ताओं के अनुमान के मुताबिक ड्रोन डिलीवरी की लागत 2034 तक प्रति डिलीवरी करीब 2 डॉलर तक पहुंच सकती है, जो पारंपरिक डिलीवरी की तुलना में काफी कम होगी। यानी मामला सिर्फ पर्यावरण और सुरक्षा का नहीं, बल्कि भविष्य की डिलीवरी व्यवस्था और उसकी लागत से भी जुड़ा है।