नेपाल बाढ़ में 362 मौतें, 1500 लापता, 290 भारतीय भी शामिल

Thu 27-Aug-2026,11:23 PM IST +05:30

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नेपाल बाढ़ में 362 मौतें, 1500 लापता, 290 भारतीय भी शामिल Nepal Flood News
  • नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 362 हुई, करीब 1500 लोग लापता हैं।

  • लापता लोगों में 290 भारतीय पर्यटक और नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।

  • भारत ने राहत सामग्री भेजी, 800 से ज्यादा लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू हुआ।

Central Region / Kathmandu :

Kathmandu / नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। अचानक आई बाढ़ के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 362 हो गई है, जबकि करीब 1500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, लापता लोगों में 290 भारतीय पर्यटक और नागरिक भी शामिल हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और अब तक 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों को प्रभावित किया। तेज बहाव के कारण सड़कें, पुल, बिजली परियोजनाएं और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई क्षेत्रों में मोबाइल और अन्य संचार सेवाएं ठप होने से लापता लोगों से संपर्क करना मुश्किल बना हुआ है।

नेपाल में 332 शव बरामद
नेपाल पुलिस के अनुसार, भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद अब तक 332 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा तिब्बत में भी तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। तिब्बत में लापता लोगों की संख्या 558 तक पहुंच गई है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, नेपाल और विदेशी नागरिकों समेत कुल 667 पर्यटकों के लापता होने की सूचना है। इनमें नेपाल के 127 लोग शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में अमेरिका के 65 लोग बताए गए हैं, जबकि करीब 30 लोग अन्य देशों से हैं। इनमें यूक्रेन, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और जापान समेत कई देशों के नागरिक शामिल हैं।

आपदा की चपेट में सुरक्षा और सरकारी विभागों के कर्मचारी भी आए हैं। लापता लोगों में नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाली सेना के 44 जवान, सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान, कस्टम्स कार्यालय के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन कार्यालय के चार कर्मचारी भी शामिल बताए गए हैं।

चितवन में सबसे ज्यादा मौतें
नेपाल पुलिस के जिलावार आंकड़ों के मुताबिक, चितवन में सबसे अधिक 108 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 62, धादिंग में 27, गोरखा में 20, नवलपरासी वेस्ट में 15, नुवाकोट में 12, तनाहुन में 12 और रसुवा में दो लोगों की मौत की जानकारी दी गई है।

बाढ़ के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी, दवाइयों तथा अन्य जरूरी सामान की जरूरत बनी हुई है।

290 भारतीयों में 73 जलविद्युत परियोजना से जुड़े
भारत सरकार नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने बताया कि लापता भारतीयों में पर्यटकों के साथ-साथ नेपाल की जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं।

लापता 290 भारतीयों में 73 भारतीय नागरिक त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे थे। वहीं, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोगों का एक बड़ा समूह भी प्रभावित हुआ है।

तमिलनाडु के 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा तिब्बत में करीब 200 भारतीय नागरिकों ने भारत से सहायता मांगी है। भारतीय अधिकारियों की ओर से फंसे नागरिकों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अलग-अलग राज्यों के लोग भी लापता
नेपाल की बाढ़ में भारत के अलग-अलग राज्यों के नागरिकों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक केरल के 53 लोग लापता बताए जा रहे हैं। तमिलनाडु और पुडुचेरी के 37 लोगों का भी पता नहीं चल पाया है।

इसके अलावा कर्नाटक के 13, आंध्र प्रदेश के आठ तीर्थयात्री और गुजरात के 11 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। पश्चिम बंगाल के 32 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। उत्तराखंड की मीना गुप्ता भी लापता बताई जा रही हैं। वहीं, रांची के कोकर हैदरअली रोड निवासी राम प्रसाद के भी लापता होने की सूचना है।

बाढ़ में बहकर आए सामान को लूटने का दावा
आपदा के बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग बाढ़ के तेज बहाव के बीच नदी में उतरकर बहकर आए सिलेंडर और दूसरे सामान को निकालते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आपदा में बहकर आए सामान को लूटने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ऐसे सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

वहीं, सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो राहत और बचाव अभियान की मानवीय तस्वीर भी दिखाते हैं। एक वीडियो में नेपाल पुलिस और स्थानीय लोगों को एक नवजात और करीब दो साल के बच्चे को सुरक्षित बचाते हुए देखा गया। एक अन्य वायरल वीडियो में एक हाथी के पानी में उतरकर बाढ़ में फंसे लोगों की मदद करने का दावा किया गया है।

नेपाल से यूपी पहुंच रहे शव
बाढ़ का असर नेपाल की सीमा से लगे भारतीय इलाकों तक भी दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में गंडक नदी से तीन शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इनमें दो महिलाएं शामिल हैं। आशंका जताई गई है कि ये शव नेपाल में आई बाढ़ के दौरान बहकर भारत पहुंचे होंगे। शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

भारत ने तेज किए राहत प्रयास
नेपाल में फंसे लोगों की मदद के लिए भारत ने राहत अभियान तेज कर दिया है। भारत की ओर से राहत सामग्री लेकर दो और विमान नेपाल भेजे गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण भारतीय अधिकारी अलग-अलग माध्यमों से नागरिकों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारतीय राजनयिक अधिकारी नेपाल में फंसे भारतीयों के संपर्क में हैं और उनकी लोकेशन का पता लगाने के साथ सुरक्षित निकासी के प्रयास किए जा रहे हैं।

वीजा नहीं मिलने से टली यात्रा
इस आपदा के बीच पश्चिम बंगाल की 61 वर्षीय तापती सिंघा का मामला भी सामने आया है। वह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल सका। इसके बाद उन्होंने नेपाल की यात्रा के बजाय लद्दाख जाने का फैसला किया। उनका कहना है कि यात्रा समूह में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलने के कारण वह इस आपदा से बच गईं।

नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और कई दुर्गम क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बाधित रहने के कारण आने वाले दिनों में आंकड़ों में बदलाव की संभावना है। प्रशासन, सुरक्षा बल और स्थानीय लोग मिलकर प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। स्थिति गंभीर बनी हुई है और लापता भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी भारत सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।