सीरिया में ऐतिहासिक फैसला: राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कुर्द समुदाय को दिए अधिकार

Sun 18-Jan-2026,05:29 PM IST +05:30

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सीरिया में ऐतिहासिक फैसला: राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कुर्द समुदाय को दिए अधिकार Syria Kurd Rights
  • कुर्द भाषा को अरबी के साथ राष्ट्रीय भाषा का दर्जा.

  • नागरिकता से वंचित कुर्दों को पूर्ण अधिकार.

  • नवरोज़ को वेतन सहित राष्ट्रीय अवकाश घोषित.

Damascus Governorate / Damascus :

Syria / सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने देश के इतिहास में एक बेहद अहम और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए कुर्द अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों को पहली बार औपचारिक मान्यता दी है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति आदेश (डिक्री) के तहत कुर्द भाषा को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया गया है और वर्षों से नागरिकता से वंचित कुर्द सीरियाइयों को फिर से नागरिकता देने का रास्ता साफ किया गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब सीरिया के उत्तरी-पूर्वी हिस्सों में तनाव बना हुआ है, फिर भी सरकार की ओर से यह कदम उम्मीद जगाने वाला माना जा रहा है।

सीरियाई अधिकारियों और कुर्द प्रतिनिधियों—दोनों ने इस आदेश को ऐतिहासिक करार दिया है। 1946 में आज़ादी के बाद यह पहली बार है, जब सीरिया ने कुर्द समुदाय के अधिकारों को औपचारिक रूप से स्वीकार किया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से उस दूरी को कम करने में मदद मिलेगी, जो दशकों से कुर्द समाज और राज्य के बीच बनी हुई थी। 2026 के डिक्री नंबर 13 में कुर्द मूल के सीरियाइयों को देश की जनता का “आवश्यक और अभिन्न हिस्सा” बताया गया है और यह स्पष्ट किया गया है कि उनकी सांस्कृतिक और भाषाई पहचान सीरिया की राष्ट्रीय पहचान से अलग नहीं की जा सकती।

इस आदेश के तहत कुर्द भाषा को अरबी के साथ राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया गया है। जिन क्षेत्रों में कुर्द आबादी पर्याप्त है, वहां सरकारी और निजी स्कूलों में कुर्द भाषा पढ़ाई जा सकेगी। इसे कुर्द समुदाय के लिए लंबे समय से चली आ रही मांग की बड़ी जीत माना जा रहा है।

नवरोज़ को राष्ट्रीय अवकाश
एक प्रतीकात्मक लेकिन अहम कदम के तौर पर सरकार ने 21 मार्च को मनाए जाने वाले कुर्द नववर्ष ‘नवरोज़’ को पूरे देश में वेतन सहित सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसे वसंत और भाईचारे के राष्ट्रीय उत्सव के रूप में बताया गया है। सरकार ने सांस्कृतिक और भाषाई विविधता की रक्षा का भरोसा देते हुए कुर्दों को अपनी विरासत, कला और मातृभाषा के संरक्षण व विकास का अधिकार देने की बात कही है, वह भी सीरिया की संप्रभुता के ढांचे के भीतर।

नागरिकता की बहाली
इस डिक्री का एक और अहम पहलू 1962 में हसाका प्रांत में कराई गई विवादास्पद जनगणना से जुड़े भेदभावपूर्ण कानूनों को समाप्त करना है। इस जनगणना के बाद बड़ी संख्या में कुर्दों से नागरिकता छीन ली गई थी। अब नए आदेश के तहत सभी कुर्द सीरियाइयों को पूर्ण नागरिकता और समान अधिकार देने की बात कही गई है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो दशकों से नागरिकता-विहीन थे।

भेदभाव पर सख्ती
डिक्री में जातीय और भाषाई भेदभाव पर साफ रोक लगाई गई है। सरकारी संस्थानों और मीडिया को समावेशी राष्ट्रीय विमर्श अपनाने का निर्देश दिया गया है। जातीय तनाव फैलाने वालों के खिलाफ दंड का भी प्रावधान रखा गया है। इसे दस साल से अधिक समय से चले आ रहे संघर्ष के बाद राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।

जमीनी हकीकत अब भी चुनौतीपूर्ण
हालांकि यह आदेश उम्मीद जगाता है, लेकिन जमीन पर हालात अब भी कठिन हैं। हाल ही में उत्तरी अलेप्पो में सरकारी बलों और कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF) के बीच झड़पों में कम से कम 23 लोगों की मौत हुई और लाखों लोग विस्थापित हुए। दमिश्क और कुर्द प्रशासन के बीच एकीकृत सीरियाई राज्य को लेकर बातचीत में भी अब तक सीमित प्रगति ही हो पाई है।

शरा सरकार की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 8 दिसंबर 2024 को बशर अल-असद की सरकार गिरने के बाद सीरिया में सत्ता परिवर्तन हुआ। कई गुटों के दौर से गुजरने के बाद अहमद अल-शरा, जिन्हें अल-जुलानी के नाम से भी जाना जाता है, 29 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति बने। उनके अतीत को लेकर विवाद रहे हैं, लेकिन अमेरिकी समर्थन के बाद उनकी सरकार के तहत यह कदम दो समुदायों के बीच की खाई पाटने की एक सकारात्मक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।