बजट सत्र 2026 दिन 3: राष्ट्रपति अभिभाषण पर बहस

Mon 02-Feb-2026,11:55 AM IST +05:30

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बजट सत्र 2026 दिन 3: राष्ट्रपति अभिभाषण पर बहस Budget-Session-2026-Day-3-Lok-Sabha-Debate
  • संसद के बजट सत्र 2026 के तीसरे दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 18 घंटे की अहम चर्चा।

  • जेफरी एपस्टीन ईमेल विवाद पर कांग्रेस का स्थगन प्रस्ताव, सरकार ने आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ संसद के बजट सत्र 2026 के तीसरे दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल पेश करेंगे, जबकि भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सरकार का पक्ष रखेंगे। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भी चर्चा में हिस्सा लेने की संभावना जताई जा रही है, जिससे बहस और अधिक तीखी हो सकती है।

लोकसभा में इस धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। माना जा रहा है कि इस दौरान सरकार अपनी नीतियों और उपलब्धियों को सामने रखेगी, जबकि विपक्ष आर्थिक मुद्दों, महंगाई, रोजगार और सामाजिक योजनाओं को लेकर सवाल खड़े करेगा। इसके साथ ही केंद्रीय बजट 2026 पर चर्चा की प्रक्रिया भी आगे बढ़ने की उम्मीद है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पर सरकार का जवाब 11 फरवरी को दिए जाने की संभावना है।

बजट सत्र का पूरा कार्यक्रम पहले ही तय कर लिया गया है। यह सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों के साथ संचालित होगा और 2 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च से दोबारा कार्यवाही शुरू करेंगे। इस अवधि में संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की गहन समीक्षा करेंगी।

इस बीच विपक्ष ने बजट को लेकर सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने बजट को आम जनता से दूर बताते हुए कहा कि इसमें चुनिंदा वर्गों को लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने जल जीवन मिशन और ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति पर भी सवाल उठाए।

सदन के भीतर सियासी हलचल उस समय और बढ़ गई, जब कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने लोकसभा में एक स्थगन प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव अमेरिकी दस्तावेजों में दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े एक ईमेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित उल्लेख से संबंधित है। कांग्रेस ने इसे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि से जोड़ते हुए इस पर चर्चा की मांग की है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।

कुल मिलाकर बजट सत्र के शुरुआती दिनों में ही सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। आने वाले दिनों में बजट, विदेश नीति और घरेलू मुद्दों को लेकर संसद का राजनीतिक तापमान और बढ़ने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।