मध्यप्रदेश में संघ कार्यालय जाने पर भाजपा विधायक का कांग्रेस पर कड़ा पलटवार

Thu 08-Jan-2026,01:52 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

मध्यप्रदेश में संघ कार्यालय जाने पर भाजपा विधायक का कांग्रेस पर कड़ा पलटवार MO RSS Office Visit Controversy Rameshwar Sharma
  • भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, संघ कार्यालय जाते हैं वही लोग जो राष्ट्र सेवा और भारत माता की जय में विश्वास रखते हैं।

  • मध्यप्रदेश विधानसभा में RSS कार्यालय जाने को लेकर सियासत तेज, राजनीतिक तापमान बढ़ा, सियासी बयानबाजी की संभावना।

Madhya Pradesh / Bhopal :

Bhopal/ भोपाल में मध्यप्रदेश विधानसभा की सियासत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय जाने को लेकर गरमाहट बढ़ गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के बयान पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संघ कार्यालय वह लोग जाते हैं जो भारत माता की जय जयकार और राष्ट्र सेवा में विश्वास रखते हैं।

रामेश्वर शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार भी संघ कार्यालय जा सकते हैं और सत्संग में भाग ले सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ राष्ट्र और तिरंगे की चिंता करता है, न कि किसी व्यक्ति के प्रमोशन या डिमोशन की।

इस मुद्दे की शुरुआत तब हुई जब उमंग सिंगार ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के संघ कार्यालय जाने पर आपत्ति जताई थी और डीओपीटी में शिकायत करने की बात कही थी। इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस की उस नीति की याद दिलाई जब यूपीए शासन में अधिकारियों को सोनिया गांधी बुलाती थीं और किसी को आपत्ति नहीं होती थी।

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संघ कार्यालय में जाने वाले लोग राष्ट्र सेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को भी चुनौती दी कि वे संघ कार्यालय जाएँ और राष्ट्र के प्रति अपने सम्मान को प्रदर्शित करें। उनके अनुसार, इसमें किसी को कोई रोक-टोक नहीं करनी चाहिए।

विश्लेषकों का कहना है कि इस बयान ने मध्यप्रदेश विधानसभा में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में इसे लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पक्षों ने इस मसले पर अपनी-अपनी मीडिया रणनीति तेज कर दी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि संघ कार्यालय और अधिकारियों के राष्ट्रसेवा से जुड़े मामलों को राजनीतिक मुद्दे में बदलने की कोशिश दोनों पक्ष कर रहे हैं।