उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का उत्तराखंड दौरा, IFS और IAS अधिकारियों को करेंगे संबोधित

Tue 18-Aug-2026,02:40 PM IST +05:30

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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का उत्तराखंड दौरा, IFS और IAS अधिकारियों को करेंगे संबोधित Vice President C.P. Radhakrishnan Uttarakhand Visit
  • उपराष्ट्रपति 19-20 अगस्त को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे।

  • देहरादून में IFS परिवीक्षाधीन अधिकारियों से संवाद करेंगे।

  • मसूरी में IAS प्रोफेशनल कोर्स के समापन समारोह में शामिल होंगे।

Uttarakhand / Dehradun :

Dehradun / उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन 19 और 20 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे देहरादून और मसूरी स्थित प्रमुख राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थानों का दौरा करेंगे और भारतीय वन सेवा तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करेंगे।

दौरे की शुरुआत 19 अगस्त को देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) से होगी। उपराष्ट्रपति यहां भारतीय वन सेवा के 2025-27 बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। वे प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करने के साथ-साथ उनके साथ संवाद भी करेंगे। इस दौरान लोक सेवा, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में अधिकारियों की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

इसके बाद 20 अगस्त को उपराष्ट्रपति मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) पहुंचेंगे। यहां वे 2024 बैच के आईएएस अधिकारियों के प्रोफेशनल कोर्स के द्वितीय चरण के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

समापन समारोह में उपराष्ट्रपति प्रशिक्षु प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम युवा प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के एक महत्वपूर्ण चरण के पूरा होने का प्रतीक होगा। आईएएस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण के दौरान प्रशासनिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता, जनसेवा और सुशासन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

उपराष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान देश के दो प्रमुख राष्ट्रनायकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। एलबीएसएनएए परिसर में वे सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

दो दिवसीय दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम देश की प्रशासनिक और वन सेवाओं के भावी अधिकारियों के साथ संवाद पर केंद्रित रहेगा। उनके संबोधन में लोक सेवकों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ कार्य करने तथा बदलती प्रशासनिक चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का संदेश प्रमुख रूप से सामने आने की संभावना है।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब देश में प्रभावी प्रशासन, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। आईएफएस और आईएएस के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ उपराष्ट्रपति का संवाद उन्हें सार्वजनिक सेवा के व्यापक उद्देश्यों और संवैधानिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करने का अवसर प्रदान करेगा।