New Education Minister: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

Sat 25-Jul-2026,10:15 PM IST +05:30

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New Education Minister: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार New Education Minister
  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला।

  • NEET विवाद के बाद NTA सुधार और परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की तैयारी।

  • केंद्र सरकार ने 2027 से कंप्यूटर आधारित NEET परीक्षा लागू करने की योजना बनाई।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति भवन ने घोषणा की कि वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र संगठनों और विभिन्न समूहों की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज रही है।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

प्रह्लाद जोशी वर्तमान में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री होने के साथ-साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अब उनके पास शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार आने के बाद केंद्र सरकार की शिक्षा सुधार प्रक्रिया का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी भी होगी।

27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में जन्मे प्रह्लाद जोशी साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कार्यरत थे, जबकि उनकी माता मालतीबाई गृहिणी थीं। उन्होंने हुबली के रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की तथा कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की।

कॉलेज जीवन से ही सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे प्रह्लाद जोशी बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े। उन्होंने 1992–94 के हुबली ईदगाह मैदान तिरंगा आंदोलन और कर्नाटक में कश्मीर बचाओ आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1998 में उन्हें भाजपा का धारवाड़ जिला अध्यक्ष बनाया गया और 2004 में पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने 2009, 2014, 2019 और 2024 में लगातार जीत दर्ज करते हुए पांच बार लोकसभा पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया।

शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी ऐसे समय उनके पास आई है जब सरकार NEET-UG विवाद के बाद कई बड़े सुधारों की तैयारी कर रही है। इनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का पुनर्गठन, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय और वर्ष 2027 से NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित प्रणाली में आयोजित करने की योजना प्रमुख मानी जा रही है।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्होंने देशहित और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि चार दशकों से अधिक समय से वह छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए कार्य करते रहे हैं तथा एक मजबूत शिक्षा प्रणाली को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला मानते हैं।

उधर, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में घोषणा की कि केंद्र सरकार से प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर देशभर में बहस अभी भी जारी है।