कांग्रेस की बड़ी बैठक 10 फरवरी को दिल्ली में
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कांग्रेस आलाकमान की 10 फरवरी की बैठक संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति तय करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
बैठक में मनरेगा, संगठन सृजन अभियान और राज्यों की राजनीतिक स्थिति की समीक्षा पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।
Delhi/ कांग्रेस पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर अहम कदम उठाया है। पार्टी आलाकमान ने 10 फरवरी को राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें कई राज्यों के शीर्ष नेता शामिल होंगे। इस बैठक को आने वाले चुनावों की तैयारी और संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त करने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस की भविष्य की रणनीति तय करने वाली बैठक के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी संगठन और आगामी राजनीतिक रणनीति पर मंथन के लिए 10 फरवरी को दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित करने का फैसला किया है। इस बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और तमिलनाडु सहित कई राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को विशेष रूप से दिल्ली बुलाया गया है।
माना जा रहा है कि यह बैठक कांग्रेस के लिए चुनावी और संगठनात्मक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक के एजेंडे में मनरेगा से जुड़े मुद्दे, संगठन सृजन अभियान, राज्यों में चल रही राजनीतिक गतिविधियों की समीक्षा और आगामी चुनावों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा राज्यों में पार्टी की मौजूदा स्थिति, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर भी गहन मंथन होने की संभावना है। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि संगठनात्मक ढांचे को मजबूत कर पार्टी को चुनावी मोड में लाया जाए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक कांग्रेस को आगामी चुनावी चुनौतियों के बीच एक स्पष्ट रणनीतिक दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती है। राज्यों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर पार्टी नेतृत्व आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक योजनाओं को अंतिम रूप दे सकता है।
इस बैठक के जरिए कांग्रेस न केवल अपने संगठन को फिर से सक्रिय करने की कोशिश करेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर एक साझा रणनीति भी तैयार कर सकती है। ऐसे में 10 फरवरी की यह बैठक कांग्रेस की भविष्य की राजनीति के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।