भारत–अमेरिका ट्रेड डील ऐतिहासिक: किसानों और अर्थव्यवस्था को नई ताकत — शिवराज सिंह चौहान

Sun 08-Feb-2026,11:12 PM IST +05:30

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भारत–अमेरिका ट्रेड डील ऐतिहासिक: किसानों और अर्थव्यवस्था को नई ताकत — शिवराज सिंह चौहान India Us Trade Deal: Shivraj Singh Chouhan Statement
  • भारत–अमेरिका ट्रेड डील को बताया ऐतिहासिक और अभूतपूर्व.

  • किसानों व संवेदनशील कृषि उत्पादों को पूरा संरक्षण.

  • निर्यात बढ़ेगा, युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर.

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित अपने निवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में भारत–अमेरिका के बीच हुई हालिया ट्रेड डील को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और मजबूत नीति का प्रतीक है। इस डील से भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊंचाइयां मिलेंगी।

श्री चौहान ने कहा कि यह समझौता दुनिया को साफ संदेश देता है कि भारत की नीति कमिटमेंट की है, कॉम्प्रोमाइज की नहीं। भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर संतुलित और सकारात्मक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है और अब एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में उभर चुका है।

डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का उदाहरण

  • केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह ट्रेड डील डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का श्रेष्ठ उदाहरण है।
  • डिप्लोमेसी का अर्थ है राष्ट्र प्रथम—और इस समझौते में भारत के राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखे गए हैं।
  • डेवलपमेंट यानी विकसित भारत की दिशा में ठोस कदम—यह डील आर्थिक विकास को मजबूत आधार देती है।
  • डिग्निटी यानी किसान की गरिमा—इस समझौते में किसानों के सम्मान और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है।
  • उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय कृषि और किसानों को लेकर जो भी आशंकाएं थीं, उनका समाधान इस डील में किया गया है।

अमेरिका में भारतीय कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क
श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस समझौते के तहत कई भारतीय कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, जबकि अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों को भारतीय बाजार में ऐसी कोई छूट नहीं दी गई है।
उन्होंने बताया कि मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, काजू, सुपारी, फल-सब्जियां और कुछ अनाजों पर अमेरिका ने टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में भारत का कृषि निर्यात 4.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है और मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस डील से भारतीय मसालों को अमेरिका में और बड़ा बाजार मिलेगा।

संवेदनशील कृषि उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित
कृषि मंत्री ने दो टूक कहा कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया।
सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, डेयरी, पोल्ट्री, दलहन, तिलहन, फल-सब्जियां और दुग्ध उत्पाद पूरी तरह समझौते से बाहर रखे गए हैं। अमेरिकी डेयरी उत्पादों, अनाज, सब्जियों और मसालों को भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं मिलेगा।

उन्होंने कहा, “हमारे प्रमुख अनाज, फल और डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं। यही इस डील की सबसे बड़ी ताकत है।”

किसान, महिलाएं और युवाओं के लिए नए अवसर
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस समझौते से किसान, महिलाएं और युवा वर्ग को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। टेक्सटाइल सेक्टर में टैरिफ घटकर लगभग 18 प्रतिशत रह गया है, जिससे कपास उत्पादक किसानों को सीधा लाभ होगा। इसके अलावा जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग गुड्स और एमएसएमई सेक्टर के लिए भी नए व्यापारिक अवसर खुलेंगे।

उन्होंने कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी महिलाओं के लिए भी यह डील समृद्धि का मार्ग खोलेगी।

2047 तक विकसित भारत की मजबूत नींव
अंत में श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब तक 9 एफटीए किए जा चुके हैं और कई देशों से बातचीत जारी है। इन समझौतों का लाभ किसानों, मजदूरों, युवाओं, निर्यातकों और गरीबों तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में यह ट्रेड डील मील का पत्थर साबित होगी और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।