Dharmendra Pradhan Resignation: अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- शिक्षा व्यवस्था चौपट, विपक्ष पूरी तरह एकजुट
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Dharmendra Pradhan Resignation
अखिलेश यादव ने भाजपा पर शिक्षा व्यवस्था चौपट करने का आरोप लगाया।
INDIA गठबंधन ने शिक्षा और छात्र हितों के मुद्दे पर एकजुटता दिखाई।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सरकार पर संसद और लोकतंत्र की अनदेखी का आरोप लगाया।
New Delhi / केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में चले आंदोलन के बाद हुए इस घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्षी नेताओं की बैठक से पहले उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और शिक्षा के मुद्दे पर संघर्ष अभी जारी रहेगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब से भाजपा केंद्र की सत्ता में आई है, तब से देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा संस्थानों में योग्य लोगों की बजाय अपने करीबी और अयोग्य लोगों को जगह दी, जिससे विश्वविद्यालयों और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार की मांग का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने छात्रों और युवाओं के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के मनोबल और जागरूकता को चुनौती नहीं दे सकती। अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्षी दल शिक्षा, विश्वविद्यालयों और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाएंगे और जो भी निर्णय होगा, उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा सुधारों के लिए गठित हाई पावर टास्क फोर्स पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि ऐसी पहल 2014 में ही कर दी गई होती, तो देश आज शिक्षा के क्षेत्र में कहीं अधिक आगे होता। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) संविधान के मार्ग पर चलता है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने संसद के संचालन को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि संसद चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की होती है, लेकिन वर्तमान सरकार सदन को सुचारु रूप से चलाने में रुचि नहीं दिखा रही है। उनके अनुसार संसद देश की समस्याओं पर चर्चा और समाधान का सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मंच है।
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार न तो संविधान की भावना का सम्मान कर रही है और न ही लोकतांत्रिक परंपराओं का। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार चाहता है कि संसद चले ताकि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जा सके और आवश्यक सुझाव दिए जा सकें।