PM Modi on Monsoon Session 2026: संसद में उत्पादक बहस की अपील, युवाओं की उपलब्धियों का किया जिक्र
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Parliament Monsoon Session
प्रधानमंत्री मोदी ने मानसून सत्र को उत्पादक और राष्ट्रहित में संचालित करने की अपील की।
युवाओं, स्टार्टअप्स और भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना की।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और विकास दर का उल्लेख किया।
नई दिल्ली / संसद के मानसून सत्र 2026 के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए देशवासियों और सांसदों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह देश में मानसून अच्छी बारिश लेकर आए, उसी तरह संसद का मानसून सत्र भी सकारात्मक, सार्थक और जनहित के निर्णयों से भरपूर साबित हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार और संसद का हर प्रयास देश के विकास और नागरिकों के कल्याण को समर्पित होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एक महीने के दौरान भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी और औद्योगिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सफलताओं ने दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने विशेष रूप से निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट की उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा कि औसतन 28 वर्ष की आयु वाली युवा टीम ने भारत को निजी अंतरिक्ष अभियान के नए दौर में पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास आज पूरी दुनिया के सामने भारत की नई पहचान बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के युवा यह साबित कर रहे हैं कि उनकी क्षमताएं और सपने किसी सीमा में बंधे नहीं हैं। उन्होंने इन उपलब्धियों को देश के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि भारत का भविष्य नवाचार, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रहा है। उनके अनुसार, सरकार द्वारा किए गए सुधारों और स्टार्टअप अनुकूल नीतियों ने युवाओं को नए प्रयोग करने और बड़े लक्ष्य हासिल करने का अवसर दिया है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में देश ने बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री ने राजस्थान में नई तेल रिफाइनरी, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर संयंत्र और दुनिया की सबसे लंबी एवं सबसे शक्तिशाली हरित हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत का उल्लेख किया। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों और श्रमिकों के सामूहिक प्रयासों को दिया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ रहा है, जिससे पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक और रसायनों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसके बावजूद भारत ने मजबूत आर्थिक प्रदर्शन करते हुए 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है, जो देश की आर्थिक मजबूती और लचीलेपन का प्रमाण है।
मानसून सत्र के एजेंडे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां तथ्यों, तर्कों और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सत्र में सभी सांसद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देंगे और शांतिपूर्ण तथा सार्थक बहस के माध्यम से महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन इस विश्वास के साथ किया कि यदि संसद में संवाद, सहयोग और सकारात्मक सोच का वातावरण बना रहेगा, तो देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूने में सफल होगा और मानसून सत्र राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।