Paper Leak Bill 2026: लोकसभा में पेपर लीक विधेयक पर गरमाई बहस, नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर विपक्ष के तीखे आरोप
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Paper Leak Bill 2026
लोकसभा में पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026 पर आठ घंटे की चर्चा शुरू हुई।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर गंभीर आरोप लगाए।
सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए सदन में बयान हटाने और माफी की मांग की।
Delhi / लोकसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा शुरू होते ही सदन का माहौल बेहद गर्म हो गया। इस बहस के केंद्र में केवल पेपर लीक का मुद्दा ही नहीं रहा, बल्कि नए कार्यकारी शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट भी देखने को मिली।
शनिवार को पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। बीते एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दल नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनके इस्तीफे के बाद उम्मीद थी कि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलेगी, लेकिन नए शिक्षा मंत्री को लेकर विवाद ने राजनीतिक माहौल फिर गर्मा दिया।
लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज और अन्य कठोर कार्रवाई की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने यह भी पूछा कि इन कार्रवाइयों के आदेश किस स्तर से दिए गए थे और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। इससे पहले संसद परिसर के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रल्हाद जोशी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया है, जिसने अतीत में बलात्कार के दोषियों की रिहाई का समर्थन किया था। राहुल गांधी ने कहा कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था और करोड़ों छात्राओं के सम्मान के खिलाफ संदेश है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी इसी विषय पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आरोपों का सरकार ने कड़ा विरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की कि इस प्रकार की टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाया जाए। उन्होंने इसे मंत्री के चरित्र हनन का प्रयास बताया। वहीं प्रल्हाद जोशी ने सदन में स्पष्ट कहा कि उनके बारे में लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और बिना किसी नोटिस के इस प्रकार की टिप्पणी करना अनुचित है। उन्होंने प्रियंका गांधी से माफी की मांग करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की भी अपील की।
प्रल्हाद जोशी पर लगाए जा रहे आरोप वर्ष 2022 में बिलकिस बानो मामले में दोषियों की रिहाई के बाद दिए गए उनके एक सार्वजनिक बयान से जुड़े हैं। उस समय उन्होंने कहा था कि सरकार ने कानून के तहत निर्णय लिया है और लंबे समय तक सजा काट चुके दोषियों की रिहाई का कानूनी प्रावधान मौजूद है। हालांकि जनवरी 2024 में सर्वोच्च न्यायालय ने दोषियों की रिहाई का फैसला रद्द कर दिया था।
इधर, संसद में पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सभी दलों की सहमति से इस पर होने वाली चर्चा का समय छह घंटे से बढ़ाकर आठ घंटे कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।