Parliament Monsoon Session: Lok Sabha से Vande Mataram Bill पास, विपक्ष के हंगामे से कई बार स्थगित हुई कार्यवाही

Thu 30-Jul-2026,07:15 PM IST +05:30

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Parliament Monsoon Session: Lok Sabha से Vande Mataram Bill पास, विपक्ष के हंगामे से कई बार स्थगित हुई कार्यवाही Vande Mataram Bill Passed
  • लोकसभा से वंदे मातरम् विधेयक पारित, राष्ट्रीय गीत को मिलेगा कानूनी संरक्षण।

  • विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के कारण संसद की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई।

  • राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों, एंटी पेपर लीक कानून और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला। विपक्षी दलों ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, राम मंदिर चंदा चोरी और अन्य मुद्दों को लेकर संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि सदन के भीतर लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे के चलते पहले कार्यवाही दोपहर दो बजे तक और फिर तीन बजे तक स्थगित की गई।

दिन की कार्यवाही के दौरान केंद्र सरकार ने 'वंदे मातरम्' विधेयक को आगे बढ़ाया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दोपहर तीन बजे राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा की शुरुआत की। इस पर लगभग सात घंटे की चर्चा तय की गई। सरकार की प्राथमिकता इस विधेयक को जल्द से जल्द संसद के दोनों सदनों से पारित कर कानून का रूप देना थी। बाद में लोकसभा ने भी ध्वनिमत से इस विधेयक को मंजूरी दे दी। राज्यसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी थी।

यह विधेयक Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में संशोधन का प्रस्ताव करता है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का जानबूझकर अपमान करना या उसके गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' की तरह वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है।

सत्र के दौरान विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सड़कों पर युवाओं का प्रदर्शन गुस्से या हिंसा का प्रतीक नहीं, बल्कि उनके भविष्य को लेकर चिंता और अभिव्यक्ति का माध्यम है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध जताया और सदन में कई बार नारेबाजी हुई। हालांकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए सत्ता पक्ष के सांसदों से राहुल गांधी का भाषण बिना व्यवधान के सुनने की अपील की।

वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में सरकार को फैसले लेने पड़े। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार को विपक्ष की बात गंभीरता से सुननी चाहिए। खड़गे ने यह भी कहा कि एंटी पेपर लीक कानून अभी भी अधूरा है और इसे और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

दिनभर चले हंगामे, नारेबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित रही। हालांकि सरकार ने वंदे मातरम् विधेयक को लोकसभा से पारित कराकर अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में सफलता हासिल की। अब इस कानून के लागू होने के बाद राष्ट्रीय गीत के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने के मामलों में कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो जाएगा।