Priyanka Gandhi on Dharmendra Pradhan Resignation: छात्रों के आंदोलन को बताया जीत, राहुल गांधी की तारीफ की
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Priyanka Gandhi on Dharmendra Pradhan Resignation
प्रियंका गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताया।
राहुल गांधी की भूमिका और कांग्रेस के छात्र आंदोलन समर्थन की सराहना की।
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्रों के अधिकारों की मांग दोहराई।
Delhi / केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में जारी छात्र आंदोलनों के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जिस तरह आवाज उठाई, वह लोकतंत्र की ताकत का उदाहरण है। प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने शुरू से छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे लगातार उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, पिछले दो-तीन वर्षों से राहुल गांधी इस विषय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी की सराहना करना चाहती हैं क्योंकि उन्होंने न केवल इस मुद्दे को लगातार उठाया, बल्कि कांग्रेस पार्टी, एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी छात्रों के अधिकारों के लिए देशभर में आंदोलन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करना नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाना भी था। प्रियंका गांधी के मुताबिक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और अभी शिक्षा व्यवस्था में कई बड़े सुधार किए जाने बाकी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनकर वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पिछले दस-बारह वर्षों से उनके मन में यह सवाल उठता था कि देश के युवा आखिर कब अपनी आवाज बुलंद करेंगे। अब उन्हें खुशी है कि युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात पूरे देश के सामने रखी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर लगातार दबाव बनाया गया और कई संस्थानों में वैचारिक हस्तक्षेप की कोशिशें हुईं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि विरोध करने वाले छात्रों और आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ सख्ती बरती गई। हालांकि उन्होंने कहा कि अब युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
प्रियंका गांधी ने विश्वास जताया कि छात्रों का यह आंदोलन देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष ने यह संदेश दिया है कि शिक्षा, पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर देश के युवा अब चुप रहने वाले नहीं हैं।