पद्म पुरस्कार 2026: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री में अंतर

Fri 30-Jan-2026,01:00 PM IST +05:30

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पद्म पुरस्कार 2026: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री में अंतर Padma-Awards-2026-Difference-Vibhushan-Bhushan-Shri
  • इस वर्ष 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं।

  • पद्म विभूषण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असाधारण योगदान के लिए, पद्म भूषण उच्च कोटि की सेवा और पद्म श्री उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जाता है।

Maharashtra / Nagpur :

Nagpur/ पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं। इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। पद्म विभूषण देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, भारत रत्न के बाद। यह उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट योगदान दिया हो। इनकी उपलब्धियां राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव डालती हैं। आमतौर पर यह सम्मान जीवनभर की उपलब्धियों के लिए सीमित संख्या में दिया जाता है।

पद्म भूषण, पद्म पुरस्कारों की दूसरी श्रेणी है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उच्च कोटि की विशेष सेवा प्रदान की हो। इसका प्रभाव मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता है। पद्म विभूषण की तुलना में पद्म भूषण की संख्या थोड़ी अधिक होती है।

पद्म श्री चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है और इसे सबसे व्यापक स्तर पर प्रदान किया जाता है। यह उन व्यक्तियों को सम्मानित करता है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इसमें सामाजिक कार्यकर्ता, लोक कलाकार, ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने वाले और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले लोग शामिल होते हैं।

पद्म पुरस्कार के साथ किसी प्रकार की नकद राशि, पेंशन या सरकारी सुविधा नहीं मिलती। हालांकि, कई बार राज्य सरकारें या सामाजिक संस्थाएं अपने स्तर पर सम्मान या विशेष सुविधाएं प्रदान कर सकती हैं। इन पुरस्कारों का महत्व मुख्य रूप से सम्मान और पहचान में है।

इस साल के पद्म पुरस्कारों में धर्मेन्द्र को उनकी उत्कृष्ट फिल्मी सेवा के लिए, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को उनके राजनीति और सामाजिक योगदान के लिए और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन (मरणोपरांत) को उनकी उल्लेखनीय भूमिका के लिए चुना गया है।

पद्म पुरस्कार केवल बड़े मंच पर काम करने वाले व्यक्तियों के लिए नहीं हैं, बल्कि समाज के सबसे निचले स्तर पर योगदान देने वालों के लिए भी सम्मान प्रदान करते हैं। यह पुरस्कार देश के गौरव को बढ़ाने और लोगों में प्रेरणा का काम करते हैं।