गणतंत्र दिवस 2026 पर वैज्ञानिकों और स्टार्टअप नवप्रवर्तकों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

Tue 27-Jan-2026,05:58 PM IST +05:30

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गणतंत्र दिवस 2026 पर वैज्ञानिकों और स्टार्टअप नवप्रवर्तकों को मिला राष्ट्रीय सम्मान India-Republic-Day-2026-Scientists-Startup-Meet
  • डॉ. जितेंद्र सिंह ने वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

  • प्रधानमंत्री मोदी की पहल से वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को गणतंत्र दिवस समारोहों में विशेष स्थान मिल रहा है।

Delhi / New :

Delhi/ गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारत की वैज्ञानिक और नवाचार शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर विशेष सम्मान मिला, जब केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने देशभर से आमंत्रित लगभग 500 स्टार्टअप उद्यमियों, प्रख्यात वैज्ञानिकों और प्रतिष्ठित विद्वानों से संवाद किया। यह पहल भारत के उभरते नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और वैश्विक वैज्ञानिक नेतृत्व को रेखांकित करती है।

गणतंत्र दिवस समारोहों के अंतर्गत आयोजित इस विशेष बैठक में अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी, जीव विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान और अन्य अग्रणी अनुसंधान क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों ने भाग लिया। इस अवसर पर इसरो और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के वैज्ञानिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति भारत की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाती है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस चयनित समूह को विशेष रूप से दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड देखने और राष्ट्रीय गरिमा से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। इनमें से लगभग 100 विशिष्ट अतिथियों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ समारोह में भी शामिल होने का अवसर मिला, जो उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुई यह परंपरा बौद्धिक उत्कृष्टता को सम्मान देने और वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों व नवप्रवर्तकों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का माध्यम बनी है। यह सरकार की उस सोच को दर्शाती है जिसमें ज्ञान सृजनकर्ताओं को राष्ट्र निर्माण का अहम स्तंभ माना जाता है।

डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यद्यपि विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए, लेकिन यह पहल एक समग्र और समावेशी दृष्टिकोण का हिस्सा थी। उन्होंने वैज्ञानिकों को आश्वस्त किया कि सरकार अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण के लिए पूर्ण समर्थन देती रहेगी, जिससे भारत की वैश्विक वैज्ञानिक उपस्थिति और अधिक सशक्त हो सके।