Women Safety Nagpur | छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार, नागपुर में महिला सुरक्षा पर विशेष व्याख्यान
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Women’s Safety Legal Awareness Session Nagpur
नागपुर के मातृ सेवा संघ इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वर्क में महिला सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
सहायक पुलिस निरीक्षक मृणालिनी वंजारी ने महिला अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम बोरकर ने महाविद्यालय और छात्रावास में सुरक्षित माहौल बनाने पर जोर दिया।
Nagpur / महिलाओं की सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकार और किसी भी मुश्किल परिस्थिति में सही कदम उठाने की जानकारी आज बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से नागपुर के एक महाविद्यालय में विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। आखिर विद्यार्थियों को क्या महत्वपूर्ण संदेश दिया गया?
महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नागपुर के मातृ सेवा संघ इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वर्क में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों, महिलाओं के अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी गई।
यह कार्यक्रम बजाज नगर स्थित मातृ सेवा संघ इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वर्क के महाविद्यालय परिसर और छात्रावास में बालिकाओं के संरक्षण मंडल के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक बनाना और महाविद्यालय परिसर तथा छात्रावास में सुरक्षित वातावरण के निर्माण को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम बोरकर ने की। वहीं, प्रमुख अतिथि के रूप में नागपुर के नागरी अधिकार संरक्षण विभाग की सहायक पुलिस निरीक्षक सुश्री मृणालिनी वंजारी उपस्थित रहीं।
कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों पर जानकारी
व्याख्यान के दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक मृणालिनी वंजारी ने महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों और महिलाओं को प्राप्त अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध कानूनी उपायों से परिचित कराते हुए जागरूक और सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।
इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने अधिकारों को समझने, सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर देते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम बोरकर ने महिला सुरक्षा को सामाजिक जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने महाविद्यालय परिसर और छात्रावास में सुरक्षित, संवेदनशील तथा सहयोगपूर्ण वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आयोजन में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. सुप्रिया पेंढारी ने प्रस्तुत की। अतिथि परिचय डॉ. आमोद गुर्जर ने कराया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सुश्री करुणा आडे ने किया। अंत में सुश्री अनुराधा कोठार ने उपस्थित अतिथियों और सभी सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन बालिकाओं के संरक्षण मंडल की संयोजिका सुश्री करुणा आडे के मार्गदर्शन में किया गया।
कुल मिलाकर, इस विशेष व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों में महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। साथ ही, यह संदेश भी सामने आया कि सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए संस्थान और समाज, दोनों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।