Cruise Ship Shutdown | क्रूज शिप पर रिटायरमेंट का सपना टूटा! 17 महीने बाद 200 यात्रियों को जहाज छोड़ने का आदेश
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Emotional Couple Against Stormy Cruise Ship
अमेरिकी दंपति ने जहाज पर रहने के लिए अपना घर और कारें बेच दी थीं।
कंपनी के संचालन पर संकट के बाद यात्रियों को कंबोडिया में उतरना पड़ा।
ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच कंपनी पुनर्गठन और नई पूंजी जुटाने की कोशिश कर रही है।
अपना घर और कारें बेचकर एक दंपति ने समुद्र में घूमते हुए रिटायरमेंट बिताने का सपना देखा। लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन 17 महीने बाद उन्हें अचानक जहाज छोड़ने को कहा गया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि उनका सपना टूट गया?
दुनिया घूमते हुए रिटायरमेंट बिताने का सपना देखने वाले एक अमेरिकी दंपति के लिए यह सफर अब आर्थिक चिंता और अनिश्चितता में बदल गया है। लिन और पॉल मोंटोया ने अपने सपने को पूरा करने के लिए अमेरिका के व्योमिंग में अपना घर और कारें बेच दी थीं। उन्होंने रिहायशी क्रूज शिप ‘विला वी ओडिसी’ में रहने के लिए 1 लाख 79 हजार डॉलर, यानी करीब 1.6 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके अलावा, जहाज पर रहने के लिए हर महीने लगभग 6 हजार डॉलर की फीस भी देनी पड़ती थी।
लेकिन उनका यह सपना महज 17 महीने बाद मुश्किलों में घिर गया।
अचानक बंद हुआ क्रूज शिप का संचालन
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रूज शिप की ऑपरेटर कंपनी विला वी रेजिडेंसेज ने इस सप्ताह यात्रियों को बताया कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण उसे संचालन रोकना पड़ रहा है। इसके बाद मोंटोया दंपति समेत करीब 200 यात्रियों को कंबोडिया के एक बंदरगाह पर जहाज से उतरना पड़ा।
यात्रियों को अपने पालतू जानवरों और समुद्र में बने अपने घरों से केवल उतना ही निजी सामान ले जाने की स्थिति का सामना करना पड़ा, जितना वे साथ ले जा सकते थे।
पॉल मोंटोया ने बताया कि उन्होंने जहाज पर रहने से पहले अमेरिका के बाहर ज्यादा यात्रा नहीं की थी। उनके लिए यह दुनिया के अलग-अलग देशों को देखने और नए लोगों से मिलने का शानदार अवसर था।
ईंधन की कीमतें बढ़ीं, कंपनी पर आर्थिक दबाव
पॉल के मुताबिक, जहाज पर धीरे-धीरे आर्थिक समस्याएं दिखाई देने लगी थीं। कंपनी ने यात्रियों से अतिरिक्त योगदान देने को कहा और ईंधन खरीदने के लिए उनसे कर्ज देने का अनुरोध भी किया।
उन्होंने बताया कि भोजन की गुणवत्ता लगभग तीन महीने पहले से खराब होने लगी थी। कंबोडिया पहुंचने पर इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। पॉल का दावा है कि कंपनी के पास ईंधन खरीदने के लिए पर्याप्त धन नहीं बचा था और चालक दल के वेतन के भुगतान में भी कठिनाइयां आ रही थीं।
हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों पर सीधे जवाब नहीं दिया। मंगलवार को जारी बयान में उसने कहा कि वह अपने कारोबार के पुनर्गठन और नई पूंजी जुटाने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी कोई समझौता अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है और परिणाम की गारंटी नहीं दी जा सकती।
अब क्या करेंगे मोंटोया दंपति?
इस अनिश्चितता के बीच लिन और पॉल ने फिलहाल मलेशिया में कुछ समय बिताने की योजना बनाई है। वे जहाज पर रहने के लिए हर महीने खर्च होने वाली रकम को अब अपने नए जीवन की जरूरतों के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं।
लिन ने कहा कि आर्थिक नुकसान तकलीफदेह है, लेकिन जहाज पर बने दोस्तों और समुदाय को खोना उनके लिए ज्यादा भावनात्मक है। उनके मुताबिक, बीते 17 महीनों में उन्होंने शानदार जगहें देखीं और कई यादगार लोगों से मुलाकात की।
यह मामला दिखाता है कि लंबे समय तक समुद्र में रहने और दुनिया घूमने का सपना कितना आकर्षक हो सकता है, लेकिन किसी कंपनी की आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर यात्रियों को बड़ी अनिश्चितता का सामना भी करना पड़ सकता है।