Geely’s China Auto Crisis | Geely की कमाई 28% बढ़ी, फिर भी शेयर 24% गिरा! चीन की दिग्गज कार कंपनी की मुश्किलें बढ़ीं
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Geely’s China Auto Crisis
Geely ने सितंबर तिमाही में 28 प्रतिशत की कमाई वृद्धि दर्ज की।
बेहतर नतीजों के बावजूद कंपनी के हॉन्गकॉन्ग सूचीबद्ध शेयर इस साल 24 प्रतिशत नीचे आए।
कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों, विदेशी बाजारों और स्थानीय उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
चीन की दिग्गज कार कंपनी Geely की कमाई में 28 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। इलेक्ट्रिक कारों में कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है, फिर भी शेयर बाजार में उसके निवेशकों को निराशा हाथ लगी है। आखिर वजह क्या है?
चीन की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Geely Automobile के कारोबार में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कंपनी ने सितंबर तिमाही में अपनी कमाई में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री, कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल और कारोबार के पुनर्गठन से Geely को फायदा हुआ है। इसके बावजूद शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, Geely के हॉन्गकॉन्ग में सूचीबद्ध शेयर इस साल करीब 24 प्रतिशत गिर चुके हैं। फिलहाल कंपनी का शेयर भविष्य की अनुमानित कमाई के मुकाबले लगभग पांच गुना मूल्य पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चीन की आठ सूचीबद्ध ऑटोमोबाइल कंपनियों का औसत करीब 13 गुना है। यानी बेहतर कारोबारी नतीजों के बावजूद निवेशक Geely को उसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम मूल्य दे रहे हैं।
Geely के संस्थापक ली शुफू ने कंपनी को इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। दुनिया के सबसे बड़े कार बाजार चीन में Geely समूह बिक्री के मामले में BYD के बाद दूसरे स्थान पर है। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारों के बाजार में भी अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए है।
कंपनी की इस साल की कुल बिक्री में लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की रही है। अगस्त में Geely ने उद्योग की सबसे तेज बैटरी चार्जिंग तकनीकों में से एक पेश करने का दावा भी किया था।
इसके अलावा, कंपनी ने पिछले दो वर्षों में अपने कारोबारी ढांचे को सरल बनाने पर काम किया है। प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहन ब्रांड Zeekr ने अपनी सहयोगी कंपनी Lynk & Co पर नियंत्रण हासिल किया, ताकि रिसर्च और डेवलपमेंट में दोहराव वाले निवेश को कम किया जा सके। Zeekr भी अब Geely Auto का हिस्सा है।
इस पुनर्गठन का असर कंपनी के मुनाफे पर भी दिखाई दिया। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में Geely का ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन बढ़कर 18 प्रतिशत से अधिक हो गया, जबकि एक साल पहले यह करीब 16 प्रतिशत था।
कंपनी के संस्थापक ली शुफू ने नेतृत्व में बदलाव की तैयारी भी शुरू कर दी है। अगस्त में उन्होंने सूचीबद्ध कंपनी के चेयरमैन का पद छोड़ दिया। अब एन कॉन्गहुई चेयरमैन और गान जियायु नए CEO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
लेकिन Geely के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। चीन में पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारों की मांग 2026 में लगभग एक तिहाई घट गई है। कंपनी की कुल बिक्री में इन वाहनों की हिस्सेदारी अब भी करीब 40 प्रतिशत है। दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक कार बाजार में भी मांग की रफ्तार कमजोर पड़ रही है।
Geely ने इस चुनौती से निपटने के लिए विदेशी बाजारों पर ध्यान बढ़ाया है। 2026 के पहले नौ महीनों में कंपनी का निर्यात सालाना आधार पर 169 प्रतिशत बढ़ा। लेकिन यूरोपीय संघ और ब्राजील जैसे बाजारों में व्यापारिक बाधाएं और आयात संबंधी नियम कंपनी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
आगे बढ़ने के लिए Geely बैटरी से चलने वाले वाहनों का विस्तार करने और स्पेन में Ford Motor की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता हासिल करने की योजना पर काम कर रही है। विदेशी बाजारों में स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने से निर्यात पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
अब सवाल यह है कि क्या इलेक्ट्रिक वाहनों और वैश्विक विस्तार की रणनीति Geely को शेयर बाजार में दोबारा मजबूत पहचान दिला पाएगी?