Amazon Earnings 2026 | AI की रेस टेक कंपनियों पर पड़ी भारी, Amazon और Intel के शेयरों में बड़ी गिरावट!

Fri 30-Oct-2026,02:09 PM IST +05:30

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Amazon Earnings 2026 | AI की रेस टेक कंपनियों पर पड़ी भारी, Amazon और Intel के शेयरों में बड़ी गिरावट! AI Stock Crash: Amazon and Intel गिरावट
  • कंपनी के कमजोर बिक्री अनुमान के बाद बाजार बंद होने पर शेयर करीब 7 प्रतिशत गिर गए।

  • PC बाजार में कमजोर मांग और मेमोरी चिप की बढ़ती लागत से कंपनी पर दबाव बढ़ा।

  • डेटा सेंटर पर भारी खर्च और बढ़ते कर्ज से निवेशक टेक कंपनियों के भविष्य को लेकर सतर्क हैं।

Maharashtra / Mumbai :

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अरबों डॉलर का निवेश करने वाली दिग्गज टेक कंपनियों के सामने अब नई चुनौती खड़ी हो गई है। Amazon और Intel के नतीजों ने बाजार को चौंका दिया है। क्या AI की रेस अब महंगी पड़ने लगी है?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती लोकप्रियता के बीच दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। Amazon और Intel के ताजा वित्तीय नतीजों के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी सेक्टर के निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। अब सवाल सिर्फ AI में निवेश का नहीं, बल्कि इस पर खर्च होने वाली भारी रकम और उससे मिलने वाले मुनाफे का भी है।

दरअसल, AI तकनीक को विकसित करने और उसे बड़े स्तर पर संचालित करने के लिए कंपनियां तेजी से डेटा सेंटर बना रही हैं। इन डेटा सेंटरों के निर्माण, सर्वर, चिप और अन्य तकनीकी सुविधाओं पर अरबों डॉलर खर्च किए जा रहे हैं। इसका असर अब बड़ी टेक कंपनियों की नकदी और वित्तीय स्थिति पर भी दिखाई देने लगा है।

Amazon ने अपनी छुट्टियों के सीजन वाली तिमाही के लिए बिक्री का अनुमान वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों से कम बताया। कंपनी के भारी डेटा सेंटर निवेश और नकदी खर्च को लेकर भी बाजार में चिंता बढ़ी है। नतीजों के बाद बाजार बंद होने के बाद Amazon के शेयर करीब 7 प्रतिशत तक गिर गए।

दूसरी तरफ, Intel ने भी अपने PC कारोबार में कमजोरी के संकेत दिए हैं। कंपनी के मुताबिक, मेमोरी चिप की कमी के कारण लागत बढ़ रही है और कंप्यूटर बाजार में निकट भविष्य की चुनौतियां बनी हुई हैं। Intel ने यह भी बताया कि इजरायल में एक फैक्ट्री में हुए विस्फोट के कारण करीब दो सप्ताह तक उत्पादन प्रभावित रहा। इससे अगले दो तिमाहियों में लगभग 600 मिलियन डॉलर के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।

AI पर बढ़ते खर्च का असर केवल Amazon और Intel तक सीमित नहीं है। Alphabet और Meta ने भी सितंबर तिमाही में नकदी खर्च बढ़ने के संकेत दिए हैं। वहीं, Microsoft ने गुरुवार को 25 अरब डॉलर का कर्ज जारी किया। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या दुनिया की आर्थिक रूप से मजबूत टेक कंपनियां भी AI की दौड़ में अपनी वित्तीय क्षमता से अधिक खर्च कर रही हैं?

इसका असर AI क्लाउड कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिला। CoreWeave, Nebius और Iren के शेयरों में बाजार बंद होने के बाद करीब 5.8 से 6.7 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। Alphabet के शेयर पहले ही नियमित कारोबार के दौरान लगभग 13 प्रतिशत गिर चुके थे।

सेमीकंडक्टर सेक्टर भी इस दबाव से अछूता नहीं रहा। Intel के कमजोर अनुमान के बाद AMD के शेयर करीब 4 प्रतिशत और Broadcom के शेयर लगभग 2 प्रतिशत नीचे आ गए। कंप्यूटर निर्माता कंपनियों HP और Dell के शेयरों में भी क्रमशः 8 प्रतिशत और 6.8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

हालांकि, 2026 में सेमीकंडक्टर इंडेक्स शानदार प्रदर्शन करने वाले बाजार सूचकांकों में शामिल रहा है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए चिप और उपकरणों की बढ़ती मांग के कारण यह जून में अपने रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था और साल के दौरान 60 प्रतिशत से अधिक चढ़ा था। लेकिन अक्टूबर में अपने हालिया उच्च स्तर से इसमें लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।

विश्लेषकों का मानना है कि AI कारोबार में निवेश की संभावनाएं अभी भी मजबूत हैं, लेकिन निवेशक अब कंपनियों के वास्तविक राजस्व और मुनाफे पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। भारी कर्ज, बढ़ती लागत और कमजोर उपभोक्ता मांग ने इस क्षेत्र की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या AI में अरबों डॉलर का निवेश आने वाले समय में कंपनियों को बड़ा मुनाफा दिलाएगा, या फिर बढ़ता खर्च टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए नई आर्थिक मुश्किलें खड़ी करेगा?