Mission Golden Spice: मेघालय की लकाडोंग हल्दी के लिए ₹175.45 करोड़ की बड़ी पहल

Tue 21-Jul-2026,10:38 PM IST +05:30

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Mission Golden Spice: मेघालय की लकाडोंग हल्दी के लिए ₹175.45 करोड़ की बड़ी पहल Mission Golden Spice
  • मेघालय में ₹175.45 करोड़ की मिशन गोल्डन स्पाइस परियोजना का शुभारंभ किया गया।

Meghalaya / Shillong :

Shillong / पूर्वोत्तर भारत की प्रसिद्ध जीआई-टैग प्राप्त लकाडोंग हल्दी को वैश्विक पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने "मिशन गोल्डन स्पाइस – एकीकृत लकाडोंग हल्दी मूल्य श्रृंखला संवर्धन परियोजना" की शुरुआत की है। केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास (एमडीओएनईआर) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया। लगभग 175.45 करोड़ रुपये की लागत वाला यह मिशन वर्ष 2025 से 2030 तक दो चरणों में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य लकाडोंग हल्दी की खेती, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाना है।

यह मिशन एमडीओएनईआर और उत्तर-पूर्वी परिषद (एनईसी) के नेतृत्व में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, एपीईडीए, मसाला बोर्ड, राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड, आईसीएआर, नाबार्ड, एसएफएसी और मेघालय सरकार के सहयोग से संचालित किया जाएगा। परियोजना का लक्ष्य राज्य में एक मजबूत और आधुनिक हल्दी मूल्य-श्रृंखला (वैल्यू चेन) विकसित करना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमडीओएनईआर की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने बताया कि लकाडोंग हल्दी में 7 से 10 प्रतिशत करक्यूमिन पाया जाता है, जो वैश्विक औसत से कई गुना अधिक है। इसकी विशिष्ट सुगंध और औषधीय गुण इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान दिलाते हैं। हालांकि प्रसंस्करण सुविधाओं, आधुनिक बुनियादी ढांचे, ब्रांडिंग और बाजार तक सीमित पहुंच के कारण किसानों को अभी तक इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाया है। मिशन इन सभी कमियों को दूर करने पर केंद्रित होगा।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "अष्टलक्ष्मी" विजन का हिस्सा है, जिसके तहत पूर्वोत्तर के प्रत्येक राज्य की विशिष्ट पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन में मेघालय की लकाडोंग हल्दी को भी प्रदर्शित कर चुके हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी मांग और रुचि बढ़ी है।

सिंधिया ने कहा कि मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक किसानों को मिलने वाली कीमत 30–40 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर लगभग 80 रुपये प्रति किलोग्राम करना है। साथ ही लकाडोंग हल्दी की खेती का क्षेत्र 2,500 हेक्टेयर से बढ़ाकर लगभग 7,500 हेक्टेयर तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हल्दी उत्पादन और प्रसंस्करण में उनकी भागीदारी इस मिशन की सफलता का आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि लकाडोंग हल्दी मेघालय की सांस्कृतिक और कृषि विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मिशन किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगा। कृषि मंत्री टिमोथी डी. शिरा ने इसे केवल एक फसल नहीं बल्कि मेघालय की पहचान बताते हुए कहा कि मिशन के तहत पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी ऑर्गेनिक हल्दी प्रसंस्करण और करक्यूमिन निष्कर्षण इकाई स्थापित की जाएगी। कार्यक्रम में किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भी भाग लिया और इसे पूर्वोत्तर के कृषि विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।