Anthropic IPO से एशियाई बाजारों में उछाल! AI शेयरों में तेजी, तेल की कीमतों पर नजर
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Anthropic IPO: AI Market Surge
Anthropic की IPO फाइलिंग से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
Alphabet, Microsoft और Amazon के वित्तीय परिणामों पर बाजार की नजर है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतों और केंद्रीय बैंकों के फैसलों से बाजार प्रभावित हो सकता है।
Mumbai / AI की दुनिया से आई एक बड़ी खबर ने एशियाई शेयर बाजारों में नई जान फूंक दी है। Anthropic की IPO फाइलिंग से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, लेकिन कंपनी के भारी नुकसान और तेल की महंगाई ने बाजार के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Anthropic की अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी से निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ा। इसके साथ ही बड़ी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों और दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर संबंधी फैसलों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।
Claude AI की निर्माता Anthropic ने अपनी IPO फाइलिंग में तेजी से बढ़ते राजस्व के साथ भारी नुकसान का खुलासा किया है। इससे निवेशकों को AI कारोबार की कमाई, लागत और भविष्य में मुनाफा कमाने की क्षमता को समझने का एक नया आधार मिला है। बाजार रणनीतिकारों के मुताबिक, हालिया उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी का IPO की दिशा में आगे बढ़ना निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत माना जा सकता है।
इसी बीच Meta Platforms ने अपने इतिहास की सबसे बड़ी इक्विटी फंड जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी 95 अरब डॉलर तक जुटाने की तैयारी कर रही है। इस खबर ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
शेयर बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का टेक्नोलॉजी आधारित KOSPI सूचकांक 3.9 प्रतिशत से अधिक चढ़ा। यह फरवरी की शुरुआत के बाद इसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त रही। हालांकि, अक्टूबर में यह सूचकांक अब भी लगभग 17 प्रतिशत नीचे है। जापान का Nikkei 1.9 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत के शेयरों का व्यापक सूचकांक 0.9 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिकी चिप कंपनियों का सूचकांक भी पिछले कारोबारी सत्र में 2.8 प्रतिशत उछला।
अब बाजार की अगली परीक्षा बड़ी टेक कंपनियों के नतीजे होंगे। Alphabet, Microsoft और Amazon समेत S&P 500 की एक तिहाई से ज्यादा कंपनियां इस सप्ताह अपने वित्तीय परिणाम जारी करने वाली हैं। निवेशक यह जानना चाहते हैं कि AI पर भारी खर्च से वास्तविक और टिकाऊ कमाई हो रही है या नहीं।
दूसरी ओर, अमेरिका के फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान के फैसले भी अहम होंगे। अर्थशास्त्रियों को फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन बाजार की नजर केंद्रीय बैंक प्रमुखों की टिप्पणियों पर रहेगी। अमेरिका में दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर भी निवेशक सतर्क हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में मामूली नरमी आई। ब्रेंट क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर 114.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध तथा तेल आपूर्ति में संभावित बाधाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर तेल निर्यात प्रभावित हुआ, तो कीमतें फिर 120 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ सकती हैं।
बाजार में अन्य संकेतकों पर नजर डालें तो अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.992 प्रतिशत पर रही, जबकि सोना मामूली गिरावट के साथ 4,013.70 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। जापानी येन 157.61 प्रति डॉलर के स्तर पर स्थिर रहा।
कुल मिलाकर, AI कंपनियों की कमाई, टेक क्षेत्र में भारी निवेश, कच्चे तेल की कीमतें और केंद्रीय बैंकों के फैसले आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि AI की तेजी टिकाऊ मुनाफे में बदल पाएगी या नहीं।