मैहर में नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Drunk-Teacher-MP-School-Maihar-Video-Viral
मैहर जिले के सरकारी स्कूल में शिक्षक पर नशे की हालत में ड्यूटी करने का आरोप, वीडियो वायरल होने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल।
वायरल वीडियो ने सरकारी स्कूलों की निगरानी व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी की।
Maihar/ मध्य प्रदेश के मैहर जिले से सामने आया एक चौंकाने वाला मामला राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। करौंदीकाप क्षेत्र की नादन हरिजन बस्ती स्थित एक शासकीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक पर ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में स्कूल पहुंचने का आरोप लगा है। यह घटना केवल अनुशासनहीनता का मामला नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और सरकारी स्कूलों की निगरानी व्यवस्था पर सीधा आघात है।
मैहर जिले के करौंदीकाप क्षेत्र में स्थित नादन हरिजन बस्ती के शासकीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक धनेंद्र पांडे पर ड्यूटी के समय शराब के नशे में स्कूल पहुंचने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिक्षक स्कूल परिसर में नशे की हालत में जमीन पर लुढ़कते हुए दिखाई दिए। इस दौरान विद्यालय में मौजूद बच्चे, ग्रामीण और कुछ अभिभावक यह दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए।
घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बच्चे स्वयं यह कहते नजर आ रहे हैं कि शिक्षक शराब पीकर स्कूल आए थे। कुछ बच्चों को यह कहते हुए भी सुना गया कि शिक्षक का बैग चेक किया जाना चाहिए। यह दृश्य न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि बच्चों को किस तरह के वातावरण में शिक्षा मिल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब शिक्षक के व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आई हों, लेकिन इस बार वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। स्कूल परिसर में शिक्षक का इस तरह व्यवहार करना बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और अनुशासन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो सरकारी स्कूलों की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई सामने नहीं आई है, लेकिन वीडियो के वायरल होने के बाद विभाग पर दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि मामले की प्राथमिक जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। यह घटना एक बार फिर इस सवाल को जन्म देती है कि क्या सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है या नहीं।