लोकसभा में हंगामा, बजट सत्र के लिए 8 सांसद निलंबित

Tue 03-Feb-2026,05:39 PM IST +05:30

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लोकसभा में हंगामा, बजट सत्र के लिए 8 सांसद निलंबित Lok-Sabha-Budget-Session-Chaos-MP-Suspension
  • विपक्ष ने निलंबन को अलोकतांत्रिक बताया, जबकि सरकार ने इसे संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम करार दिया।

  • लोकसभा में हंगामा और सांसदों के निलंबन ने बजट सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही और राजनीतिक तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

Delhi / Delhi :

Delhi/ मंगलवार को संसद के बजट सत्र में लोकसभा उस समय रणक्षेत्र में बदल गई, जब विपक्षी सांसदों ने पीठासीन अधिकारी की कुर्सी की ओर कागज उछाल दिए। इस घटना को सदन की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाया और अनुशासनहीन आचरण के आरोप में 8 सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया।

स्पीकर के इस फैसले के बाद सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। विपक्षी सांसदों ने निलंबन को अलोकतांत्रिक बताते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

तीन बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो पीठासीन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों का उल्लंघन किया गया है। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अनुशासनहीन सांसदों को शेष बजट सत्र से निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। सदन ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया।

निलंबित सांसदों में मणिकम टैगोर, गुरजीत औजला, राजा वडिंग, हिबी ईडन, किरण रेड्डी, प्रशांत पोडोले और वेंकट रमन शामिल हैं। प्रस्ताव पारित होने के बाद भी कुछ विपक्षी सांसदों द्वारा चेयर की ओर कागज फेंकने की घटनाएं सामने आईं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान शुरू हुआ राजनीतिक टकराव प्रमुख कारण रहा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए अपने पिछले भाषण में दिए गए एक अंतरराष्ट्रीय लेख के संदर्भ का उल्लेख किया और उसे औपचारिक रूप से प्रमाणित कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के वैश्विक संबंधों, विशेषकर अमेरिका, चीन और पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल गांधी से दस्तावेज सदन के पटल पर रखने और विषय को अभिभाषण तक सीमित रखने का आग्रह किया। इसी दौरान जब राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन तनाव का उल्लेख किया, तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखा विरोध दर्ज कराया और इसे स्पीकर की पूर्व रूलिंग का उल्लंघन बताया।

विवाद तब और बढ़ गया जब केसी वेणुगोपाल और रिजिजू के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में बोलना उनका संवैधानिक अधिकार है और उन्हें बार-बार रोका जा रहा है। जैसे ही उन्होंने पूर्वी लद्दाख में सैनिकों की शहादत का जिक्र किया, सत्तापक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।

अंततः नारेबाजी, वेल में आना और कागज उछाले जाने के बीच पीठासीन अधिकारी को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। निलंबन के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन कर सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया।