MP में आयुष्मान घोटाला: सीहोर अस्पताल में 46 लाख की इंसेंटिव हेराफेरी उजागर
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सीहोर के आष्टा सिविल अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत 46 लाख रुपये की इंसेंटिव हेराफेरी का गंभीर मामला सामने आया
बीएमओ के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू, लेखापाल और आयुष्मान मित्र की भूमिका भी जांच के घेरे में
Sehore/ मध्यप्रदेश के सीहोर जिले स्थित आष्टा सिविल अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर हुआ है। अस्पताल में पदस्थ एक स्टोर इंचार्ज पर आरोप है कि उसने वर्ष 2017-18 से 2023 के बीच डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में हेराफेरी कर करीब 46 लाख रुपये का गबन किया।
जानकारी के अनुसार, यह राशि अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर दी जानी थी। आरोप है कि स्टोर इंचार्ज ने भुगतान प्रक्रिया में हेरफेर करते हुए यह रकम अपने परिवार के सदस्यों और करीबी रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। लंबे समय तक यह गड़बड़ी सामने नहीं आ सकी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब अस्पताल के कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों ने इंसेंटिव भुगतान में अनियमितता को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद जब रिकॉर्ड की प्राथमिक जांच की गई, तो कई संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन सामने आए। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में तत्कालीन लेखापाल, आयुष्मान मित्र और उस समय पदस्थ कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बिना उच्चस्तरीय मिलीभगत के इतनी बड़ी रकम वर्षों तक कैसे निकाली जाती रही।
इस संबंध में बीएमओ आष्टा डॉ. अमित माथुर को शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घोटाले के उजागर होने के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच के दायरे में और भी नाम सामने आ सकते हैं। यह मामला आयुष्मान भारत योजना की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।