Liquor License Case | ED का बड़ा एक्शन, मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े 15 से ज्यादा ठिकानों पर छापे

Wed 09-Sep-2026,10:51 AM IST +05:30

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Liquor License Case | ED का बड़ा एक्शन, मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े 15 से ज्यादा ठिकानों पर छापे ED Raid Bengaluru
  • ED ने सतीश जारकीहोली से जुड़े 15 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की।

  • मामला 18 शराब लाइसेंस जारी करने में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

  • ED विदेशी फंडिंग और करीब 3 करोड़ रुपये के कथित अवैध फंड की जांच कर रही है।

Karnataka / Bengaluru :

Bengaluru / कर्नाटक में शराब लाइसेंस से जुड़े कथित अनियमितता के मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। बेंगलुरु, बेलगावी और महाराष्ट्र में 15 से ज्यादा स्थानों पर ED की टीमें पहुंचीं और दस्तावेजों समेत अन्य संभावित सबूतों की जांच शुरू की।

बताया जा रहा है कि ED की यह कार्रवाई 18 शराब लाइसेंस यानी बार लाइसेंस जारी करने में कथित गड़बड़ी से जुड़ी है। जांच एजेंसी को शक है कि इन लाइसेंस को जारी कराने में मंत्री सतीश जारकीहोली ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसी मामले में उनके साले मंजूनाथ से जुड़े परिसरों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

विदेशी फंडिंग के एंगल की भी जांच
मामले में ED केवल शराब लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर लाइसेंस दिलाने से जुड़े पैसों को कहीं गैरकानूनी तरीके से विदेश तो नहीं भेजा गया। जांच एजेंसी को पहले करीब 3 करोड़ रुपये के कथित अवैध विदेशी फंड का पता चलने की बात सामने आई थी। इसके बाद मामले की जांच को और विस्तृत किया गया।

ED अब पैसों के लेन-देन और उनके स्रोत की पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर हासिल रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या इसमें विदेशों तक पैसे पहुंचाने का कोई नेटवर्क शामिल था।

मंजूनाथ के ठिकाने पहले भी जांच के दायरे में
मंत्री के साले मंजूनाथ का नाम इस जांच से पहले भी सामने आ चुका है। शराब से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में ED उनके परिसरों पर पहले भी तलाशी ले चुकी है। ताजा कार्रवाई को इसी जांच की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

ED की टीमों ने बेंगलुरु में करीब पांच अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जबकि अन्य ठिकाने बेलगावी और महाराष्ट्र में बताए जा रहे हैं। जांच के दौरान अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

लाइसेंस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल
18 बार लाइसेंस से जुड़ी कथित गड़बड़ी ने शराब लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि लाइसेंस जारी करने में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन हुआ था या नहीं।

फिलहाल ED की कार्रवाई जांच के स्तर पर है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। एजेंसी का फोकस कथित लाइसेंस अनियमितता, पैसों के लेन-देन और संभावित विदेशी फंडिंग के पूरे नेटवर्क को समझने पर है। आने वाले समय में तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।