नौसेना आयुध महानिदेशक बने दिवाकर जयंत
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श्री दिवाकर जयंत की नियुक्ति से नौसेना आयुध प्रबंधन में तकनीकी दक्षता और रणनीतिक योजना को मजबूती मिलने की उम्मीद।
रक्षा मंत्रालय और नौसेना मुख्यालय में प्रशासनिक निरंतरता और आधुनिकरण पर विशेष फोकस।
Delhi/ आईएनएएस के वरिष्ठ अधिकारी श्री दिवाकर जयंत ने 2 फरवरी 2026 को रक्षा मंत्रालय के नौसेना मुख्यालय में नौसेना आयुध महानिदेशक (डीजीओएनए) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इस पद पर वे श्री पी. उपाध्याय का स्थान लेंगे, जो 31 जनवरी 2026 को अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए।
श्री दिवाकर जयंत भारतीय नौसेना आयुध सेवा के 1991 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने 28 दिसंबर 1992 को भारतीय नौसेना के नौसेना आयुध संगठन में औपचारिक रूप से अपनी सेवा प्रारंभ की थी। अपने 33 वर्षों के विशिष्ट सेवा काल में उन्होंने मुंबई, विशाखापत्तनम और अलवाय स्थित नौसेना आयुध डिपो सहित कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में कार्य किया है।
उन्होंने राष्ट्रीय नौसेना कार्यालय और रक्षा मंत्रालय में मुख्य महाप्रबंधक, महाप्रबंधक तथा प्रधान निदेशक जैसे अहम पदों पर रहते हुए आयुध प्रबंधन, प्रशासन और रणनीतिक योजना निर्माण में अहम योगदान दिया। उनके कार्यकाल को दक्ष प्रबंधन और तकनीकी दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है।
शैक्षणिक रूप से श्री जयंत आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। उन्हें टॉरपीडो के जीवन-चक्र प्रबंधन में विशेष विशेषज्ञता प्राप्त है। इसके साथ ही वे विस्फोटक अवसंरचना परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन में भी निपुण माने जाते हैं।
मानव संसाधन प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों में उनकी गहरी समझ रही है। उन्होंने प्रतिष्ठित एपीपीपीए कोर्स (2017-18) भी सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में नौसेना आयुध प्रणाली को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी बनाया जाएगा।