PMAY-U 2.0: 16 राज्यों में 2.09 लाख से अधिक नए घरों को मंजूरी
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PMAY-U 2.0: 16 राज्यों में 2.09 लाख से अधिक नए घरों को मंजूरी
PMAY-U 2.0 के तहत 2.09 लाख से अधिक नए घर मंजूर।
1 करोड़ से अधिक घर पूरे होकर लाभार्थियों को मिले।
महिलाओं और कमजोर वर्गों को आवास में प्राथमिकता।
New Delhi / प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) और PMAY-U 2.0 के तहत सरकार ने किफायती शहरी आवास के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। योजना के अंतर्गत अब तक 1.25 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि इनमें से 1 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है और उन्हें लाभार्थियों को सौंप दिया गया है। सरकार अब पात्र शहरी परिवारों तक किफायती आवास की पहुंच बढ़ाने के लिए PMAY-U 2.0 के क्रियान्वयन में तेजी ला रही है।
इसी क्रम में 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के संकल्प भवन में PMAY-U 2.0 की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) की आठवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह ने की। बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा करने के साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से भेजे गए अतिरिक्त आवास प्रस्तावों पर विचार किया गया।
2.09 लाख से अधिक घरों को मंजूरी
बैठक के दौरान आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में EWS परिवारों के लिए 2.09 लाख से अधिक घरों को मंजूरी दी गई।
इनमें करीब 1.42 लाख घर लाभार्थी नेतृत्व निर्माण (BLC) श्रेणी के हैं। इस व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को अपनी जमीन पर पक्का मकान बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 67,045 घर साझेदारी में किफायती आवास (AHP) श्रेणी के तहत स्वीकृत किए गए हैं।
नवीनतम स्वीकृतियों के बाद PMAY-U 2.0 के तहत मंजूर घरों की कुल संख्या 18.38 लाख से अधिक हो गई है। इनमें 14.40 लाख BLC, 2.48 लाख AHP, 1.36 लाख ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) और 13,046 किफायती किराये के आवास (ARH) श्रेणी के घर शामिल हैं।
महिलाओं और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता
PMAY-U 2.0 के तहत आवास के साथ सामाजिक समावेश और आर्थिक सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर और अन्य वंचित समूहों की आवास जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है।
CSMC की आठवीं बैठक में स्वीकृत 2.09 लाख से अधिक घरों में से 2.03 लाख घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा 16,662 घर वरिष्ठ नागरिकों, 21,954 घर अनुसूचित जाति, 14,252 घर अनुसूचित जनजाति और 75,511 घर OBC लाभार्थियों के लिए स्वीकृत किए गए।
सरकार के अनुसार PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत कुल 1.25 करोड़ से अधिक घरों में करीब 1 करोड़ घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं। इससे महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा, सामाजिक सशक्तिकरण और परिवार में निर्णय लेने की भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
समय पर निर्माण और निगरानी पर जोर
बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में योजना के क्रियान्वयन की गति, स्वीकृत घरों का समय पर निर्माण, जियो-टैगिंग, निधि के उपयोग, लाभार्थी सत्यापन और अधिभोग की स्थिति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने योजना को तेजी से लागू करने, समय पर धनराशि जारी करने और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र शहरी परिवारों तक योजना का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे।
PMAY-U को जून 2015 में ‘सभी के लिए आवास’ के दृष्टिकोण के साथ शुरू किया गया था। PMAY-U 2.0 इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए शहरी भारत के अतिरिक्त 1 करोड़ पात्र EWS, LIG और MIG परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है। योजना के तहत पात्र परिवारों को अपना घर बनाने, किफायती आवास परियोजनाओं में घर पाने, गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी हासिल करने या गुणवत्तापूर्ण किराये के आवास की सुविधा प्राप्त करने में सहायता दी जाती है।