ICoAS दिवस 2026: आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत अनुकूलन पर जोर

Sun 09-Aug-2026,11:53 PM IST +05:30

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ICoAS दिवस 2026: आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत अनुकूलन पर जोर ICoAS Day 2026
  • ICoAS दिवस 2026 में लागत अनुकूलन पर जोर।

  • आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर चर्चा।

  • AI और आधुनिक वित्तीय प्रबंधन तकनीकों को अपनाने की अपील।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / रक्षा विभाग के सचिव राजेश कुमार सिंह ने नई दिल्ली में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के तत्वावधान में आयोजित भारतीय लागत लेखा सेवा (ICoAS) स्थापना दिवस समारोह 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस वर्ष समारोह का विषय “आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत अनुकूलन में ICoAS अधिकारियों की भूमिका” रखा गया, जिसमें लागत प्रबंधन, वित्तीय दक्षता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सेवा की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।

लागत प्रबंधन में ICoAS की अहम भूमिका
मुख्य भाषण में राजेश कुमार सिंह ने सरकारी मंत्रालयों और विभागों में लागत प्रबंधन को मजबूत करने में ICoAS अधिकारियों की व्यावसायिकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में विवेकपूर्ण लागत सुधार, संसाधनों के बेहतर उपयोग और मजबूत वित्तीय निगरानी के माध्यम से ICoAS आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने रक्षा क्षेत्र में लागत दक्षता को बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
विशिष्ट अतिथि संजीव कुमार ने स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने में लागत लेखांकन विशेषज्ञता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेहतर लागत प्रबंधन से भारत की आयात पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ वैश्विक निर्यात बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बदलते रक्षा अधिग्रहण परिदृश्य के अनुरूप ICoAS अधिकारियों और रणनीतिक क्षेत्रों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने का आह्वान किया।

व्यय विभाग के सचिव वी. वुआलनम ने वीडियो संदेश के माध्यम से ICoAS दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी और सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP के विस्तार के दौर में ICoAS अधिकारी लागत दक्षता, उचित जोखिम आवंटन और मजबूत परियोजना संरचना सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

तकनीक और AI पर भी जोर
कार्यक्रम में ICoAS का एक स्मारक ई-ब्रोशर भी जारी किया गया, जिसमें सेवा के विकास, प्रमुख कार्यों, उपलब्धियों और क्षमता निर्माण से जुड़ी पहलों का विवरण दिया गया।

मुख्य सलाहकार (लागत) और ICoAS प्रमुख आनंद कुमार पाल ने अधिकारियों से तकनीक और नवाचार को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने वित्तीय मॉडलिंग, डेटा विजुअलाइजेशन और आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया, ताकि बेहतर वित्तीय सलाह और नीति निर्माण में सहायता मिल सके।

समारोह में ICoAS की यात्रा और भविष्य की कार्ययोजना पर भी प्रस्तुति दी गई। इसका प्रमुख उद्देश्य “खर्च किए गए प्रत्येक रुपये के लिए अधिकतम मूल्य” सुनिश्चित करना बताया गया।

युवा अधिकारियों को सम्मान
उत्कृष्ट योगदान के लिए छह युवा ICoAS अधिकारियों को राजेश कुमार सिंह की ओर से ‘सर्वोत्तम’, ‘अति उत्तम’, ‘उत्तम’ और ‘प्रोत्साहन’ प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके जरिए सेवा के युवा अधिकारियों के उल्लेखनीय प्रयासों को मान्यता दी गई।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के बाद दो तकनीकी सत्र भी आयोजित हुए। पहले सत्र में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। इसमें सरकारी स्तर पर लागत और वित्तीय प्रबंधन में AI की संभावनाओं तथा सार्वजनिक वित्तीय मूल्य श्रृंखला में दक्षता बढ़ाने पर प्रकाश डाला गया।

दूसरे तकनीकी सत्र में तनाव प्रबंधन पर चर्चा हुई, जिसमें अधिकारियों को व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर लचीलापन बनाए रखने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए गए।

समारोह में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम ने नीति निर्माण, लागत प्रबंधन और कुशल सार्वजनिक व्यय में ICoAS की भूमिका को रेखांकित किया। ICoAS दिवस 2026 ने क्षमता निर्माण, तकनीकी नवाचार, जानकारी के आदान-प्रदान और रणनीतिक संवाद के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से मजबूत भारत के लक्ष्य के प्रति सेवा की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।