भारत-अमेरिका नौसेना EOD अभ्यास 2026, 10 अगस्त से कोच्चि में होगा आयोजन

Sun 09-Aug-2026,11:45 PM IST +05:30

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भारत-अमेरिका नौसेना EOD अभ्यास 2026, 10 अगस्त से कोच्चि में होगा आयोजन भारत-अमेरिका नौसेना EOD अभ्यास 2026
  • भारत-अमेरिका नौसेना EOD अभ्यास 10 अगस्त से कोच्चि में शुरू होगा।

  • पांच दिवसीय अभ्यास में संयुक्त प्रशिक्षण और विशेषज्ञों का आदान-प्रदान होगा।

  • 2005 से जारी श्रृंखला का यह आठवां संस्करण है।

Kerala / Cochin :

Cochin / भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच विस्फोटक आयुध निस्तारण यानी Explosive Ordnance Disposal (EOD) अभ्यास 2026 का आयोजन 10 से 14 अगस्त 2026 तक कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में किया जाएगा। पांच दिवसीय यह द्विपक्षीय अभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और पेशेवर सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय और अमेरिकी नौसेनाओं की विशेषज्ञ गोताखोरी एवं विस्फोटक आयुध निस्तारण टीमों के बीच परस्पर संचालन क्षमता को बढ़ाना है। इसके जरिए दोनों देशों के सैन्यकर्मी एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, क्षमताओं और परिचालन अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

पांच दिन चलेगा संयुक्त प्रशिक्षण
EOD अभ्यास के दौरान कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें विषय विशेषज्ञों का आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण, उपकरणों का प्रदर्शन और अलग-अलग परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक अभ्यास शामिल होंगे। इस दौरान दोनों नौसेनाओं के विशेषज्ञ अपने अनुभव और पेशेवर जानकारी साझा करेंगे।

अभ्यास के जरिए आधुनिक विस्फोटक आयुध निस्तारण तकनीकों, नई तकनीकों और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान किया जाएगा। इससे दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को वास्तविक और जटिल परिस्थितियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

एक-दूसरे की क्षमताओं को समझने पर जोर
भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच होने वाला यह अभ्यास केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ और कार्यात्मक तालमेल को बढ़ाना भी है। संयुक्त गतिविधियों के दौरान दोनों देशों के सैन्यकर्मी एक-दूसरे की परिचालन अवधारणाओं और कार्य-पद्धतियों को करीब से समझेंगे।

EOD से जुड़ी चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ अनुभवों का साझा उपयोग दोनों नौसेनाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। अभ्यास के माध्यम से दोनों पक्ष मिलकर सीखने और बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर देंगे।

2005 से चल रही है संयुक्त अभ्यास श्रृंखला
भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना वर्ष 2005 से संयुक्त रूप से जहाज का मलबा हटाने, बचाव और विस्फोटक आयुध निस्तारण से जुड़े अभ्यास आयोजित करती आ रही हैं। आगामी आयोजन इस विशेष द्विपक्षीय प्रशिक्षण श्रृंखला का आठवां संस्करण है।

इस लंबी अभ्यास श्रृंखला से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच लगातार बढ़ते पेशेवर सहयोग और समुद्री क्षेत्र में आपसी तालमेल को रेखांकित किया जाता है। नियमित संयुक्त प्रशिक्षण से दोनों देशों के कर्मियों को अलग-अलग परिचालन परिस्थितियों में साथ काम करने का अनुभव भी मिलता है।

समुद्री अभियानों में सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
आगामी EOD अभ्यास भारतीय और अमेरिकी नौसेनाओं की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत दोनों देश अपनी परस्पर संचालन क्षमता, तकनीकी जानकारी और पेशेवर सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं।

कोच्चि में होने वाले इस पांच दिवसीय अभ्यास के दौरान संयुक्त प्रशिक्षण और व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को EOD से जुड़ी जटिल और बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

कुल मिलाकर, EOD अभ्यास 2026 भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी नौसैनिक सहयोग की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह अभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं को आधुनिक तकनीकों और कार्य-पद्धतियों से सीखने, विशेषज्ञ अनुभव साझा करने और समुद्री अभियानों में बेहतर तालमेल विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा।