Chhattisgarh News: Bastar Pandum विजेताओं से मिले President Murmu और Amit Shah, विकास पर दिया जोर
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Bastar Development
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और अमित शाह ने राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम विजेताओं से संवाद किया।
अमित शाह ने कहा कि नक्सलमुक्त बस्तर अपनी संस्कृति और विरासत को पुनर्जीवित कर रहा है।
केंद्र सरकार ने बस्तर को विकास, शांति और जनजातीय गौरव का नया प्रतीक बताया।
New Delhi / केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की सामाजिक परंपराओं के प्रमुख मांझी-चालकी और बस्तर पंडुम के विजेताओं से संवाद किया। इस अवसर पर बस्तर के प्रतिनिधि अपनी पारंपरिक वेशभूषा में राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जिसे अमित शाह ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और बदलते स्वरूप का प्रतीक बताया।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया मंच X पर साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में पहली बार बस्तर के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे। उन्होंने इसे बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामाजिक पहचान के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि जो बस्तर कभी नक्सली हिंसा के कारण अपनी संस्कृति और परंपराओं को खोने की कगार पर था, वह अब नक्सलवाद से मुक्त होकर अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अमित शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण तैयार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय समाज अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ विकास की मुख्यधारा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में बस्तर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए विकास और सांस्कृतिक संरक्षण का एक आदर्श मॉडल बनेगा।
गृह मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बस्तर अब विकास के पथ पर मजबूती से आगे बढ़ चुका है और भविष्य में यह छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित संभाग बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, आधारभूत ढांचे, रोजगार, पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयास बस्तर को नई पहचान दिला रहे हैं। साथ ही स्थानीय परंपराओं और जनजातीय संस्कृति को सम्मान देने से क्षेत्र के लोगों में आत्मविश्वास और सहभागिता भी बढ़ी है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह संवाद केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और विकास यात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का प्रतीक माना जा रहा है। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि शांति, सुरक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण के साथ बस्तर अब विकास के नए अध्याय की ओर तेजी से बढ़ रहा है।