Online Safety News: बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार के बड़े कदम, 50 OTT प्लेटफॉर्म ब्लॉक
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IT Rules 2021 और DPDP Act 2023
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डेटा गोपनीयता के लिए सरकार ने कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए।
गैर-कानूनी और अश्लील कंटेंट पर कार्रवाई करते हुए 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म ब्लॉक किए गए।
साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और डिजिटल लत से बचाव के लिए देशभर में अभियान चलाए जा रहे हैं।
New Delhi / केंद्र सरकार ने बच्चों सहित सभी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित, खुला, विश्वसनीय और जवाबदेह डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कानूनी और नीतिगत कदम उठाए हैं। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 22 जुलाई 2026 को लोकसभा में बताया कि सरकार सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 तथा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के माध्यम से ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल गोपनीयता को मजबूत कर रही है।
मंत्री ने बताया कि आईटी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 मिलकर ऐसा कानूनी ढांचा प्रदान करते हैं, जिसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल मध्यस्थों को उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सावधानी बरतनी होती है। इन नियमों के अनुसार किसी भी उपयोगकर्ता को ऐसा कंटेंट साझा करने की अनुमति नहीं है जो बच्चों के लिए हानिकारक हो या किसी कानून का उल्लंघन करता हो।
सरकार ने हाल ही में आईटी नियमों में संशोधन भी किए हैं। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य मध्यस्थों को सक्षम न्यायालय के आदेश या सरकार की अधिकृत एजेंसी से सूचना मिलने के तीन घंटे के भीतर गैर-कानूनी सामग्री हटाना या उसकी पहुंच रोकना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन अपराधों और आपत्तिजनक सामग्री पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के तहत बच्चों की ऑनलाइन गोपनीयता को विशेष सुरक्षा प्रदान की गई है। इस कानून के अनुसार बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के उपयोग के लिए माता-पिता की सहमति आवश्यक होगी। साथ ही बच्चों की ट्रैकिंग, व्यवहार संबंधी निगरानी और लक्षित विज्ञापनों जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान केंद्रित किया है। ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने और विनियमित करने का अधिनियम, 2025 युवाओं में बढ़ती डिजिटल लत और ऑनलाइन गेमिंग के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत शिकायत मिलने पर गैर-कानूनी कंटेंट हटाने के लिए नियमित कार्रवाई करती है। पिछले दो वर्षों में अश्लील सामग्री प्रसारित करने और आईटी अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनों का उल्लंघन करने के कारण 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म भारत में ब्लॉक किए गए हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में डिजिटल व्यसन को बच्चों और युवाओं के लिए गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताया गया है। सर्वेक्षण के अनुसार अत्यधिक स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई, कार्य क्षमता और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। चिंता, अवसाद, नींद की समस्या, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन जुए से आर्थिक नुकसान इसके प्रमुख दुष्प्रभाव बताए गए हैं।
डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (ISEA) परियोजना चला रही है। इसके तहत अब तक देशभर में 6,650 जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 11.37 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसके अलावा हैंडबुक, पोस्टर, वीडियो, कार्टून कहानियां और अन्य जागरूकता सामग्री कई भाषाओं में तैयार कर वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है।
सरकार ने बताया कि सीईआरटी-इन (CERT-In) नियमित रूप से साइबर सुरक्षा संबंधी सलाह और जागरूकता सामग्री जारी करता है। वहीं शिक्षा मंत्रालय के 'प्रज्ञता' दिशानिर्देश, सीबीएसई के साइबर सुरक्षा कार्यक्रम और एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में शामिल साइबर सुरक्षा विषय छात्रों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इन सभी पहलों का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर बच्चों और युवाओं, के लिए सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।