पीएम मोदी 9 साल बाद इजरायल दौरे पर: नेतन्याहू संग वार्ता, रक्षा-तकनीक सहयोग पर फोकस
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PM Modi Israel Visit
9 साल बाद पीएम मोदी का इजरायल दौरा.
रक्षा, तकनीक और सुरक्षा सहयोग पर फोकस.
नेसेट संबोधन और अहम समझौतों की संभावना.
Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 और 26 फरवरी को दो दिवसीय इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। यह यात्रा कई मायनों में अहम मानी जा रही है, क्योंकि वह नौ साल बाद इजरायल पहुंच रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 2017 में ऐतिहासिक दौरा किया था। इस बार वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर तेल अवीव पहुंचेंगे। बेन गुरियन एयरपोर्ट पर खुद नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा मोदी का स्वागत करेंगे, जो इस यात्रा की विशेषता को दर्शाता है।
यह पीएम मोदी का दूसरा इजरायल दौरा है और ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में हालात संवेदनशील बने हुए हैं। दौरे के दौरान दोनों नेता व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और अब तक की साझेदारी की समीक्षा करेंगे। खास तौर पर रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। दोनों देशों के बीच सुरक्षा और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी इजरायली संसद ‘नेसेट’ को भी संबोधित करेंगे। हालांकि, वहां के कुछ विपक्षी दलों ने उनके संबोधन का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। इस पर नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना ने कहा है कि यदि सीटें खाली रहती हैं तो उन्हें पूर्व सांसदों से भर दिया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि इस दौरे को लेकर इजरायल की राजनीति में भी हलचल है।
25 फरवरी की शाम पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच औपचारिक बैठक होगी, जिसके बाद नेतन्याहू उनके सम्मान में डिनर की मेजबानी करेंगे। 26 फरवरी को पीएम मोदी यहूदी नरसंहार स्मारक ‘याद वशेम’ जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके अलावा वह इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात दोनों देशों के उच्च स्तर के राजनीतिक संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
दौरे के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग से जुड़े समझौतों को अपडेट करने और नए एमओयू पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। भारत और इजरायल के बीच रक्षा संबंध बेहद मजबूत रहे हैं। इजरायल भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार है और मिसाइल सिस्टम, ड्रोन, रडार और निगरानी तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग लंबे समय से जारी है।
भारत और इजरायल ने 1992 में औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। तब से दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। व्यापार, कृषि, जल प्रबंधन, तकनीक और नवाचार के क्षेत्रों में भी सहयोग तेजी से बढ़ा है। आज दोनों देशों के बीच व्यापार कई अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारत-इजरायल संबंधों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।