Donald Trump Warning | मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा: ट्रंप की चेतावनी, ईरान-इजराइल संघर्ष में बढ़ती मौतें
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Middle East War
ट्रंप की चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बढ़ा।
कुवैत में ड्रोन हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत।
ईरान, इजराइल और पड़ोसी देशों में लगातार मिसाइल-ड्रोन हमले।
America / मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और भी गंभीर होता दिखाई दे रहा है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर दी है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि आने वाले समय में ईरान के और अधिकारी निशाने पर आ सकते हैं। ट्रंप ने बयान देते हुए कहा, “आज ईरान पर बहुत जोरदार वार होगा।” उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
इस बीच कुवैत में ड्रोन हमले में मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए ट्रंप डेलावेयर के डोवर एयरबेस जाने वाले हैं। अमेरिकी प्रशासन इस घटना को गंभीरता से ले रहा है और माना जा रहा है कि इसके बाद अमेरिका ईरान के खिलाफ और कड़ा रुख अपना सकता है।
दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव से पड़ोसी देशों को नुकसान हुआ है और इसके लिए खेद है। हालांकि ईरान के कट्टरपंथी नेताओं ने साफ संकेत दिया है कि तेहरान की युद्ध रणनीति में कोई बदलाव नहीं होगा।
उधर कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की ओर से आए कई मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। इन देशों के सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है और पूरे क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।
संघर्ष के कारण जान-माल का भारी नुकसान भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार अब तक ईरान में 1230 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लेबनान में करीब 290 लोगों की जान गई है। वहीं इजराइल में भी लगभग एक दर्जन लोगों के मारे जाने की खबर है।
कुवैत सशस्त्र बलों ने जानकारी दी है कि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित फ्यूल टैंकों को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। इससे इलाके में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं। इसी दौरान कुवैत सिटी में रविवार तड़के एक ऊंची इमारत में भीषण आग लग गई, जिससे आसमान में दूर तक लपटें दिखाई दीं। आग लगने के कारणों की अभी जांच की जा रही है, लेकिन यह घटना ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं हो रही हैं।
इजरायल और लेबनान के बीच भी तनाव बढ़ता जा रहा है। इजरायली ड्रोन हमले में लेबनान की राजधानी बेरूत के प्रसिद्ध समुद्री पर्यटन क्षेत्र रौशे जिले के एक होटल को निशाना बनाया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दस अन्य घायल हो गए। इजरायली सेना ने दावा किया है कि यह हमला ईरानी आईआरजीसी की कुद्स फोर्स से जुड़े लेबनान कॉर्प्स के अहम कमांडरों को निशाना बनाकर किया गया था।
इस बीच अमेरिका ईरान के परमाणु भंडार को जब्त करने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक इस मिशन के लिए अमेरिका अपनी स्पेशल फोर्स का इस्तेमाल कर सकता है। वहीं संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में अब तक कम से कम 1332 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं।
दुबई से भी एक दुखद खबर सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक अल बरशा इलाके में ईरानी ड्रोन हमले की घटना के दौरान एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई। बताया गया कि एक सफल हवाई इंटरसेप्शन के बाद धातु का टुकड़ा यानी श्रैपनेल एक वाहन पर गिरा, जिससे उस व्यक्ति की जान चली गई।
कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। लगातार हो रहे हमलों और बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है।