ईरान में महंगाई विरोध हिंसक

Fri 09-Jan-2026,12:45 PM IST +05:30

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ईरान में महंगाई विरोध हिंसक Iran-Inflation-Protests-Violent-2026
  • इंटरनेट बंदी, एयरपोर्ट शटडाउन और हजारों गिरफ्तारियों के बीच GenZ युवाओं की अगुवाई में आंदोलन तेज।

  • रेजा पहलवी की अपील और ट्रम्प की चेतावनी से अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ा, मध्य-पूर्व में अस्थिरता की आशंका।

Tehran Province / Pardis :

Iran/ ईरान में बढ़ती महंगाई, मुद्रा अवमूल्यन और करों में तेज बढ़ोतरी के खिलाफ बीते 13 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन अब देशव्यापी हिंसा में बदल चुके हैं। गुरुवार रात हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब राजधानी समेत कई बड़े शहरों में सड़कें जाम कर दी गईं, वाहनों को आग के हवाले किया गया और सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास जमकर नारेबाजी हुई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, 100 से अधिक शहर इस आंदोलन की चपेट में हैं।

प्रदर्शनकारियों का आक्रोश सीधे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक की शासन व्यवस्था पर केंद्रित है। कई शहरों में सत्ता-विरोधी नारे गूंजे, वहीं कुछ इलाकों में निर्वासित युवराज रेजा पहलवी के समर्थन में भीड़ दिखी। “परिवर्तन अब अपरिहार्य है” जैसे नारों के साथ राजनीतिक बदलाव की मांग तेज होती जा रही है।

हिंसा के बीच मानवाधिकार संगठनों ने मृतकों की संख्या 45 बताई है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। झड़पों में सुरक्षा बलों को भी नुकसान पहुंचा है और एक पुलिस अधिकारी की हत्या की खबर सामने आई है। हालात काबू में करने के लिए 2,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

सरकार ने संचार माध्यमों पर सख्ती बढ़ाते हुए इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बड़े पैमाने पर बंद कर दी हैं। तेहरान एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद किया गया है और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राजधानी के बाजारों में सन्नाटा है, जबकि कई विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों ने धरना-प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। इंटरनेट निगरानी समूहों का कहना है कि यह डिजिटल ब्लैकआउट आंदोलन को दबाने की रणनीति है, हालांकि कुछ प्रदर्शनकारी वैकल्पिक नेटवर्क के जरिए सूचनाएं साझा कर रहे हैं।

आंदोलन को नई धार तब मिली जब निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने खुली अपील कर नागरिकों से सड़कों पर उतरने को कहा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरानी जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन करने का आग्रह किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग हुआ, तो कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी। इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में अस्थिरता की आशंका और गहरी हो गई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, आंदोलन की अगुवाई GenZ युवा कर रहे हैं, जो बदहाल अर्थव्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ईरानी रियाल ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच चुका है, जबकि खाद्य पदार्थों की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं। दवाइयों की महंगाई और बजट में प्रस्तावित कर वृद्धि ने गुस्से को और भड़काया है। मौजूदा संकेत बताते हैं कि ईरान का संकट निकट भविष्य में और गंभीर हो सकता है।