खामेनेई की मौत का बदला लेगा ईरान: अमेरिका को चेतावनी, ट्रंप बोले- आज होगा बड़ा हमला
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Iran Revenge Statemen
खामेनेई की मौत के बाद ईरान का सख्त रुख.
ईरान ने बदला लेने तक युद्ध जारी रखने की चेतावनी दी.
ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले का संकेत दिया.
Tehran / पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अपने रुख को और सख्त कर दिया है। ईरान की संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश के दुश्मनों के खिलाफ युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला नहीं लिया जाता। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार समिति ने अपने बयान में कहा कि खामेनेई की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के भीतर गुस्सा और आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। ईरानी नेताओं और अधिकारियों ने लगातार यह संदेश दिया है कि देश इस घटना को भूलेगा नहीं और जवाब जरूर देगा। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के उप प्रमुख ने भी कहा कि तेहरान किसी भी तरह के अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से ईरान पर कोई हमला किया जाता है, तो ईरान की सेना उसका कड़ा जवाब देगी।
ईरानी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से यदि किसी तरह की सैन्य कार्रवाई होती है, तो उसे भी सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ हमला माना जाएगा और उसका जवाब दिया जाएगा। इससे यह संकेत मिलता है कि यह संघर्ष अब केवल दो देशों के बीच नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैलने का खतरा बढ़ गया है।
दूसरी ओर अमेरिका की ओर से भी कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए ईरान को “हारा हुआ देश” करार दिया। अपने बयान में उन्होंने साफ कहा कि ईरान के खिलाफ आज एक बड़ा सैन्य प्रहार किया जाएगा। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और पूरी दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिक गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलते हैं कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ कोई बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर सकते हैं। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग भी बढ़ा है और कई रिपोर्टों में संयुक्त ऑपरेशन की संभावना जताई गई है। ट्रंप के आक्रामक बयान से यह भी साफ हो गया है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के प्रति नरम रुख अपनाने के मूड में नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अगर अमेरिका और इजरायल वास्तव में बड़ा सैन्य अभियान शुरू करते हैं, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति तेजी से एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकती है, जिसमें कई देश अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि आने वाले घंटों में पश्चिम एशिया में क्या होता है। क्या तनाव और बढ़ेगा या फिर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हालात को संभाला जा सकेगा, यह आने वाला समय ही तय करेगा।