नेपाल चुनाव: बालेन शाह ने केपी शर्मा ओली को 50 हजार वोटों से हराया, जीत के बाद जश्न पर रोक

Sat 07-Mar-2026,09:20 PM IST +05:30

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नेपाल चुनाव: बालेन शाह ने केपी शर्मा ओली को 50 हजार वोटों से हराया, जीत के बाद जश्न पर रोक Nepal Election Results
  • बालेन शाह ने केपी शर्मा ओली को बड़े अंतर से हराया.

  • राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने जीत के बाद जश्न पर लगाई रोक.

  • पार्टी ने सुशासन और जिम्मेदारी पर जोर दिया.

Central Region / Kathmandu :

Kathmandu / नेपाल की राजनीति में हाल ही में हुए आम चुनावों ने बड़ा बदलाव संकेत दिया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (Rastriya Swatantra Party) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेन शाह ने शानदार जीत दर्ज करते हुए झापा जिले के निर्वाचन क्षेत्र-5 से विजय हासिल की है। इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रमुख नेता केपी शर्मा ओली को बड़े अंतर से हराया है।

अंतिम मतगणना के अनुसार बालेन शाह को कुल 68,348 वोट मिले, जबकि केपी शर्मा ओली को इस सीट पर लगभग 18 हजार वोट ही प्राप्त हुए। इस तरह दोनों नेताओं के बीच करीब 50 हजार वोटों का भारी अंतर रहा। इस परिणाम ने नेपाल की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है और इसे सत्ता संतुलन में बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

चुनाव परिणाम सामने आने के बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने विजयी उम्मीदवारों को एक अहम निर्देश जारी किया है। पार्टी ने साफ कहा है कि कोई भी उम्मीदवार विजय जुलूस, रैली या उत्सव कार्यक्रम आयोजित न करे। आमतौर पर चुनाव जीतने के बाद राजनीतिक दलों में जश्न और रैलियां देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार पार्टी नेतृत्व ने संयम और जिम्मेदारी दिखाने पर जोर दिया है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उपाध्यक्ष और संघीय चुनाव प्रबंधन समिति के समन्वयक डीपी अर्याल ने कहा कि चुनाव जीतने वाले नेताओं को तुरंत उत्सव मनाने के बजाय अपने काम और जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक जनता ने नेताओं को जो भरोसा देकर चुना है, उसे गंभीरता से लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह समय जश्न का नहीं बल्कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए काम शुरू करने का है।

डीपी अर्याल ने यह भी कहा कि इस बार का चुनाव असाधारण परिस्थितियों में आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान जेन-जी (Gen Z) उम्र वर्ग के कई युवा-युवतियों ने अपनी जान गंवाई है। ऐसे में इस दर्द को देखते हुए उत्सव मनाना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देश के कई परिवार इस त्रासदी से अभी भी उबर नहीं पाए हैं, इसलिए नेताओं को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

पार्टी नेतृत्व का कहना है कि जनता ने भ्रष्टाचार को खत्म करने और सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य से यह जनादेश दिया है। इसलिए विजयी उम्मीदवारों की पहली प्राथमिकता जनता की उम्मीदों को पूरा करना और बेहतर प्रशासन देना होना चाहिए। अर्याल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पार्टी के उम्मीदवार फूलों की मालाएं पहनने, मोटरगाड़ी या मोटरसाइकिल जुलूस निकालने जैसे दिखावटी कार्यक्रमों से भी बचें।

हालांकि पार्टी ने यह अनुमति दी है कि विजयी उम्मीदवार मतगणना स्थल पर अपने समर्थकों का संक्षिप्त अभिवादन कर सकते हैं और उन्हें धन्यवाद दे सकते हैं। लेकिन इसके अलावा किसी भी प्रकार की रैली या सार्वजनिक जश्न आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई है।

डीपी अर्याल ने यह भी बताया कि यह संदेश पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने और वरिष्ठ नेता बालेन शाह की ओर से भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी निर्वाचित उम्मीदवार अपने समर्थकों का आभार जरूर व्यक्त करें, लेकिन किसी भी तरह का विजय जुलूस या प्रदर्शन न करें।

नेपाल के इस चुनाव परिणाम ने जहां एक ओर नई राजनीतिक संभावनाओं को जन्म दिया है, वहीं दूसरी ओर नेताओं को यह भी याद दिलाया है कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।